Shahjahanpur News: बाढ़ ग्रस्त इलाके संक्रामक रोगों की चपेट में, बुखार से बालिका की मौत

जलालाबाद ढाईघाट स्टेट हाइवे पर बाढ़ के बीच निकलता ई-रिक्शा। संवाद
शाहजहांपुर/मिर्जापुर। गंगा की बाढ़ का पानी जलमग्न गांवों से निकल गया है, लेकिन अभी कीचड़ भरा हुआ है। खरपतवार और फसलों के अवशेष सड़ने से भयंकर दुर्गंध उठ रही है। मच्छर और जलजनित बीमारियां भी फैलने लगी हैं। एक बच्ची की बुखार से मौत हो गई है। 24 से अधिक लोग बीमार हैं। गांवों में इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंच पा रही है।
गंगा की बाढ़ से करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हैं। गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने लगे हैंं। इनमें सबसे अधिक बुखार और डायरिया के मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों तक नहीं पहुंच पा रहीं हैं। इससे मलेरिया और डेंगू फैलने की आशंका जताई जा रही है। मरीजों की जांच होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
मस्जिद नगला गांव के शेरुद्दीन ने बताया कि गांव के नूर मोहम्मद की चार वर्षीय पुत्री आफरीन बुखार से पीड़ित थी। उसको फर्रुखाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जबकि मस्जिद नगला के रहीस मियां की पत्नी धन्नो की बुखार से हालत गंभीर होने पर फर्रुखाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी गांव के परवेज ने बताया कि गांव के शमशेर की पत्नी फरजाना, रजाकत की तीन वर्षीय पुत्री फना, ईदुल हसन की पत्नी कनीजा, राबिया पत्नी मुस्तफा, शाइन बेगम पत्नी सरवर, इशरत समेत करीब 24 लोग बुखार से पीड़ित हैं।
गांव पैलानी उत्तर के अनमोल ने बताया कि गांव के रामरहीस, इनकी चार साल की पुत्री सुलोचना, छह वर्षीय पुत्र मंजीत, आकाश का सात वर्षीय पुत्र जनवेश और अखिलेश का आठ वर्षीय पुत्र रमन बीमार है। गांव में अधिकतर लोग बुखार, खांसी, पेटदर्द और चर्म रोग से परेशान हैं।
गांव में छिड़काव किए जाने का स्वास्थ्य विभाग का दावा
बाढ़ग्रस्त गांवों के रोगी ढाईगांव के शेल्टर होम में लगे सीएचसी जरीयनपुर के स्वास्थ्य शिविर में जाकर दवा ले रहे हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने बताया कि अब भी बाढ़ क्षेत्र के ग्राम पैलानी, मस्जिद नगला, कटैला नगला आदि गांवों में स्वास्थ्यकर्मी वाहन से नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को पैदल गांवों में भेजकर एंटी लार्वा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करवाना शुरू कर दिया है, ऐसा दावा किया जा रहा है।
सड़कों पर आवागमन बाधित
बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए जलालाबाद-ढाईघाट स्टेट हाईवे, चौंरा-इस्लामनगर, बांसखेड़ा, भरतपुर-पैलानी, बांसखेड़ा, कटैला नगला-मस्जिद नगला, इस्लामनगर आदि संपर्क मार्ग पानी के तेज बहाव में जगह-जगह कटकर नाले का रूप ले चुके हैं। इससे इन मार्गों से निकलना खतरे से खाली नहीं है। लगभग डेढ़ दर्जन गांवों को जोड़ने वाली सड़क भरतपुर-पैलानी, बांसखेड़ा संपर्क मार्ग कट गया है। रास्ते में पानी भरा हुआ है। लोग पैदल तो निकल सकते है, लेकिन दोपहिया और चार पहिया वाहनों का आवागमन बाधित है।
राहत सामग्री के वितरण में आई तेजी
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद तहसील प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को राशन किट बांटने में तेजी दिखाना शुरू कर दी है। राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह ने बताया कि सोमवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में 420 बाढ़ पीडि़तों को राशन किट बांटे गए थे। मंगलवार को तहसील परिसर में गुटेटी उत्तर के 212 और बुधवार को ग्राम मोती नगला, बटन नगला और इस्लाम नगर के 520 लोगों को राहत सामग्री बांटी गई।
नदियों का घट रहा जलस्तर
बुधवार को गंगा का जलस्तर घटकर 142.70 गेज रह गया। वहीं रामगंगा का जलस्तर घटकर 159.930 गेज, गर्रा का जलस्तर 157.44 गेज और खन्नौत नदी का जलस्तर 143.05 गेज रह गया। बुधवार को नरौरा बैराज से गंगा में 71,046 क्यूसेक, रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 12,267 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बाढ़ पीड़ितों को लगातार राहत सामग्री बांटी जा रही है। स्वास्थ्य शिविर लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को गांवों में भेजकर छिड़काव कराया जाएगा और बीमार लोगों का चेकअप कर दवा बांटी जाएगी।
– डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व, बाढ़ नियंत्रण प्रभारी