Shahjahanpur News: गंगा के जलस्तर में फिर शुरू हुई वृद्धि, बाढ़ पीड़ितों की बढ़ी चिंता

मिर्जापुर के मस्जिद नगला में बाढ़ से घिरे एक घर से निकलता छोटा बच्चा। संवाद
गांव के रास्तों पर फिर से बढ़ने लगा पानी, लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। गांवों से अभी बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल भी नहीं पाया था कि गंगा के जलस्तर में तेजी से फिर वृद्धि शुरू हो गई है। ऐसे में संक्रामक रोगों से जूझ रहे बाढ़ पीड़ितों की घबराहट बढ़ गई है।
ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के मजरा पैलानी, कटैला नगला, मस्जिद नगला, इस्लाम नगर, बटन नगला, मोती नगला, आजाद नगर, ग्राम पंचायत भरतपुर के मजरा धोबियन नगला, पंखिया नगला, भरतपुर आदि गांवों में पहले से भरा बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह निकल भी नहीं पाया था कि मंगलवार सुबह से फिर बढ़ने लगा।
भरतपुर-पैलानी, कटैला नगला, मस्जिद नगला, लोहार नगला, बटन नगला के लिए जाने वाली सड़क पर पानी चलने से फिर दिक्कत शुरू हो गई है। आजादनगर बाढ़ आने के बाद से अब तक चौतरफा पानी से घिरा ही हुआ था। आजाद नगर के इशहाक ने बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ने लगा है। जिससे एकबार पहले वाले हालात बनने लगे हैं।
ग्राम पैलानी के अनमोल ने बताया कि पकड़िया नगला के निकट कटी सड़क पर लगभग दो फुट पानी रह गया था। दोपहर से यहां भी पानी बढ़ने लगा है। मस्जिद नगला के शेरुद्दीन और परवेज ने बताया कि पूरा गांव आई फ्लू और बुखार की चपेट में है। सड़कों और खेतों में चारों ओर पानी भरा होने की वजह से मेडिकल टीम गांव में नहीं आ पा रही है।
बीमार लोग भी बाढ़ के पानी से निकलकर दस किलोमीटर दूर ढाईगांव दवा लेने नहीं जा पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बाढ़ तो यहां हर वर्ष आती है लेकिन इतने समय तक बनी नहीं रहती है। ग्राम पंचायत भरतपुर के प्रधान के प्रतिनिधि संतोष सिंह कहते हैं कि वर्ष 2010 और 11 के बाद इतने लंबे समय तक कभी इतने समय तक बाढ़ का पानी रहा।
इस वर्ष तो बाढ़ का पानी फसलें नष्ट करने के साथ ही कच्चे घरों को भी निगल रहा है। ऐसे में कटरी के तमाम परिवार कच्ची दीवारों पर छप्पर डालकर किसी तरह गुजारा कर रहे थे।

मिर्जापुर के मस्जिद नगला में बाढ़ से घिरे एक घर से निकलता छोटा बच्चा। संवाद

मिर्जापुर के मस्जिद नगला में बाढ़ से घिरे एक घर से निकलता छोटा बच्चा। संवाद