Shahjahanpur News: बाढ़ घटने के साथ बढ़ने लगा संक्रमण

बाढ़ में ढूबा मिर्जापुर का भरतपुर गांव। संवाद
शाहजहांपुर/मिर्जापुर। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट आई है। बाढ़ग्रस्त गांव बांसखेड़ा और भरतपुर में रविवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 49 मरीज त्वचा रोग और बुखार से पीड़ित मिले। उधर, कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि चिह्नित गांवों को छोड़कर करीब दो दर्जन से अधिक बाढ़ से घिरे गांवों में प्रशासन की तरफ से राहत नहीं पहुंच पा रही है।
ग्राम पंचायत भरतपुर के प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत के ग्राम भरतपुर में 60 परिवार, गांव पकड़िया नगला में 22 परिवार, गांव पंखिया नगला में 25 परिवार और गांव धोबियान नगला के 20 परिवार आठ दिन से बाढ़ में जलमग्न हैं। वहां न तो प्रशासन की ओर से कोई सहायता पहुंची है। न ही इन गांवों को राजस्व विभाग का कोई कर्मचारी ही सूचीबद्ध करने आया है।
गांव भरतपुर की शालू तोमर ने बताया कि ढाईगांव में भरतपुर तक आने वाले अधिकारियों को कोई असुविधा नहीं है, जबकि भरतपुर से पकड़िया नगला, पंखिया नगला, धोबियान नगला जाने वाले पक्के रोड पर कई जगह तीन से चार फुट पानी बह रहा है। कई जगह सड़क कट जाने से गांवों का आवागमन पूरी तरह से ठप है। गांव के ओमवीर सिंह ने बताया कि एक बार राजस्व निरीक्षक और लेखपाल गांव आए थे। बाढ़ पीड़ितों ने अपनी समस्याएं बताई थीं, लेकिन लेखपाल ने उनकी बात को अनसुना कर दिया।
राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह ने बताया कि आजाद नगर और इस्लामनगर के बाढ़ पीड़ितों को वितरण के लिए 100 राशन किट प्राप्त हुईं हैं, जिन्हें जल्द बांटा जाएगा। बाढ़ ग्रस्त गांवों के पशुओं के लिए 40 क्विंटल भूसा भी मंगवाया गया है। उधर, सीएचसी प्रभारी जरीयनपुर डॉ. आदेश रस्तोगी ने बताया कि रविवार को बाढ़ ग्रस्त गांव बांसखेड़ा और भरतपुर में स्वास्थ्य शिविर लगाया, जिसमें 100 से अधिक लोगों का चेकअप किया गया। इसमें 49 मरीज त्वचा रोग और बुखार से पीड़ित लोग मिले। जिनको दवा दे दी गई है।
आजाद नगर मजरा में 87 परिवार प्रभावित, सभी सुरक्षित
एडीएम प्रशासन और प्रभारी अधिकारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि जनपद की तहसील कलान में गंगा एवं रामगंगा नदी में जलस्तर वृद्धि के कारण ग्राम पैलानी उत्तर के मजरा आजाद नगर, इस्लामनगर, कटेला नगला, अंटा मजरा पृथ्वीपुर ढाई, मस्जिद नगला व पैलानी उत्तर प्रभावित हुए हैं। आजाद नगर मजरा के 87 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के आवागन के लिए आजाद नगर में दो नाव, एक नाव अंटा मजरा पृथ्वीपुर ढाई में संचालित कर दी गई है। प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल टीमों का गठन कर ओआरएस पैकेट, क्लोरीन टेबलेट व अन्य उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। इसके साथ ही बाढ़ पीड़ितों को खाने के पैकेट बांटे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को दैवीय आपदा के अंतर्गत लाभ दिए जाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
गंगा और रामगंगा में फिर छोड़ा गया बैराजों से पानी
बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार रविवार को नरौरा बैराज से गंगा नदी में 1,26,978 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि रामगंगा नदी में हरवेली बैराज, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज और लालपुर बियर से कुल 19,110 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में दियूनी बैराज से 453 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के जलस्तर में रविवार को गिरावट दर्ज की गई।

बाढ़ में ढूबा मिर्जापुर का भरतपुर गांव। संवाद