Shahjahanpur News: बिना कनेक्शन देते आ रहे हैं जलकल

सौरभ वाजपेयी
शाहजहांपुर। बगैर कनेक्शन दिए ही नगर निगम जलकर वसूल रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि यदि सौ मीटर दूरी से भी जलापूर्ति की लाइन गुजरी है तो नागरिकों को जलकर देना होगा। लोगों में इस नियम को लेकर नाराजगी है।
महानगर की आबादी साढ़े तीन लाख से अधिक हो गई है। मकानों की संख्या लगभग 70 हजार है। इनमें से 26912 घरों में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन का कनेक्शन पहले से है, जबकि 22000 कनेक्शन नई पाइप लाइन से दिए जा रहे हैं। जलापूर्ति के नाम पर जलकर लगभग हर घर से वसूला जा रहा है। इसको लेकर नगर निगम कार्यालय में आए दिन कोई न कोई शिकायत लेकर आता रहता है। साथ ही कई लोग अपनी आपत्ति भी दर्ज करा चुके है और कुछ लोग न्यायालय की शरण में भी गए हैं। उनका तर्क है कि जब वे सुविधा का लाभ ही नहीं ले रहे तो कर किस बात का लिया जा रहा है।
वहीं, नगर निगम के अधिकारियों का तर्क है कि शासनादेश के अनुसार 100 मीटर की परिधि में जलापूर्ति की लाइन पड़ी होने पर क्षेत्र के सभी लोगों को जलकर देय होता है। फिर चाहे वह जलापूर्ति लाइन से प्राप्त कर रहा हो अथवा नहीं। वहीं अगर कनेक्शन है तो जलमूल्य का भी भुगतान करना होगा। जोकि 900 रुपये प्रतिवर्ष रहता है, जबकि जलकर 11 प्रतिशत लगता है, जोकि मकान के क्षेत्रफल के हिसाब से तय होता है। इतना ही गृहकर भी लिया जाता है।
कनेक्शन के लिए करना होता है ऑनलाइन आवेदन
जलापूर्ति लाइन से कनेक्शन लेने के लिए नगर निगम के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन प्राप्त होने के बाद नगर निगम के जलकल विभाग से कर्मचारी मौके पर जाकर जांच करते हैं। उसके बाद कनेक्शन प्रदान किया जाता है। इसके लिए 189 रुपये स्क्वायर फुट के हिसाब से शुल्क देना होता है, जोकि न्यूनतम 3000 रुपये तक बैठता है। वर्तमान में नगर निगम के पास 15-20 आवेदन है, जिनको कनेक्शन देने की प्रक्रिया चल रही है।
अभियान के तहत निशुल्क मिलता है कनेक्शन
सामान्यत: कनेक्शन लेने पर लोगों को शुल्क देना होता है, लेकिन यदि कोई अभियान चलाया जाता है तो कनेक्शन फ्री दिए जाते हैं। शहर में छह नए ओवरहेड टैंक से करीब 22 हजार घरों में निशुल्क कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसका काम भी लगभग पूरा होने वाला है, लेकिन जहां नए कनेक्शन हो गए हैं, अभी उनमें भी पानी नहीं पहुंच रहा।
कनेक्शन है नहीं फिर भी भेज दिया नोटिस
मेरे घर में जलापूर्ति लाइन का कनेक्शन नहीं है। इसके बाद भी नगर निगम की ओर से गृहकर के साथ ही जलकर जमा करने के लिए नोटिस भेज दिया गया है। यह सरासर गलत है। हम नगर निगम की ओर से की जा रही जलापूर्ति का उपभोग ही नहीं कर रहे। – सौरभ वाजपेयी, इंदिरानगर कॉलोनी
हमारे और आसपास के मकानों में जलापूर्ति लाइन का कनेक्शन नहीं है। कुछ स्थान पर तो अभी लाइन तक नहीं पड़ी है। बावजूद इसके नगर निगम की ओर से जलकर जमा करने के लिए बिल भेज दिया जाता है। इसको लेकर पहले ही आपत्ति जता चुके हैं। – अनंगपाल सिंह चौहान, इंदिरानगर कॉलोनी
मोहल्ले में नगर निगम की ओर से ओवरहेड टैंक द्वारा जलापूर्ति की सुविधा नहीं है ओर न ही किसी के घर में कनेक्शन है। लोगों ने अपने घरों में खुद बोरिंग करवाकर सबमर्सिबल आदि लगवा रखा है। उसी से पानी ले रहे हैं। जब सुविधा नहीं तो जलकर नहीं आना चाहिए। – अनीस, लोदीपुर
फोटो – 4
जलापूर्ति का कनेक्शन न होने के बाद भी जलकर वसूला जाना बिल्कुल गलत है। इस पर शासन को रोक लगानी चाहिए। हम जिस वस्तु का उपभोग करते हैं, उसका ही कर देते हैं। जब जलापूर्ति लाइन से जल का उपभोग नहीं कर रहे तो फिर कर किस बात का लिया जा रहा है। – रामबाबू, जलालनगर बाहर चुंगी
शासनादेश में प्रावधान है कि नगर निगम क्षेत्र में किसी मकान की 100 मीटर परिधि में पानी की पाइप लाइन पड़ी है तो भवन स्वामी को जलकर भी देना होगा। यह सभी नगर निगमों में लागू है। – राकेश कुमार सोनकर, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम शाहजहांपुर
जिन मकानों में जलापूर्ति का कनेक्शन है, उनसे जल मूल्य भी वसूला जाता है। जोकि 900 रुपये निर्धारित है। जिले के 26912 मकानों में जलापूर्ति के लिए कनेक्शन दिए हैं। – सौरभ श्रीवास्तव, महाप्रबंधक जल, नगर निगम, शाहजहांपुर

सौरभ वाजपेयी

सौरभ वाजपेयी

सौरभ वाजपेयी