Shahjahanpur News: संपत्ति विवाद में हत्या पर भाई समेत तीन को उम्रकैद
शाहजहांपुर। द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्रनाथ पांडेय ने भाई की हत्या कर शव जलाने के मामले में भाई समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार फर्रुखाबाद के थाना कायमगंज क्षेत्र के गांव लहरारजा कुलीपुर निवासी वादिनी गिरजेश उर्फ नन्हीं ने 29 जनवरी 2010 को अल्हागंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नन्हीं देवी ने पुलिस को बताया कि 22 जनवरी 2010 को सुबह करीब 08:30 बजे मोबाइल पर उसके पति अजयवीर सिंह के लिए कॉल आई।
फोन आने के बाद सुबह करीब दस बजे अजयवीर फर्रुखाबाद जाने के लिए निकल गए। दो दिन तक वापस नहीं आने पर परिवार वालों ने उनकी खोज शुरू की। जिस मोबाइल नंबर से फोन आया था, उसकी जानकारी की तो पता चला कि वह नंबर अल्हागंज के नगला हल्लू गांव के रहने वाले छविनाथ की पत्नी का था।
23 जनवरी को नगला हल्लू गांव के पास पुआल में एक व्यक्ति की जली हुई लाश मिली। नन्हीं देवी ने शव की पहचान अपने पति अजयवीर के रूप में की। पुलिस ने वादिनी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान विवेचक ने फर्रुखाबाद के कायमगंज थाना क्षेत्र के गांव लहरारजा कुलीपुर निवासी देवेंद्र, अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव नगलाहल्लू निवासी छविनाथ और सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के गांव भरगवां निवासी ब्रजपाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में भेजा।
शासकीय अधिवक्ता उमेशचंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि विवेचक ने जांच में पाया कि देवेंद्र ने संपत्ति के विवाद में साथी ब्रजपाल और छविनाथ के साथ मिलकर भाई अजयवीर की गोली मारकर हत्या के बाद शव जला दिया था। कॉल डिटेल में सामने आया था कि छविनाथ की पत्नी सोनतारा के मोबाइल से अजयवीर को कॉल की गई थी।
अन्य कॉल डिटेल में देवेंद्र का नाम सामने आया था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील उमेश चंद्र अग्निहोत्री के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने देवेंद्र, छविनाथ और ब्रजपाल को षड्यंत्र कर हत्या का दोषी पाया। तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। संवाद