Shahjahanpur News: मिलना था इत्तेफाक बिछड़ना नसीब था…

शाहजहांपुर में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में उपस्थित श्रोता। स्रोत-संस्था
शाहजहांपुर। कृभको फर्टिलाइजर लिमिटेड के 19वें स्थापना दिवस पर साहित्य अनुष्ठान का आयोजन किया गया। आधी रात के बाद तक चले कवि सम्मेलन में कवियों और शायरों ने प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं।
बृहस्पतिवार शाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरे की शुरुआत प्रबंध निदेशक रवि कुमार चोपड़ा, सी. सुधाकर, चौधरी विजेंद्र सिंह, राजन चौधरी, बीपी कौशिक, बीएस प्रसाद, भंवर सिंह शेखावत, बीएस यादव, जीआरएस माथुर, शोभा तांपी, मनीष कुमार ने दीप जलाकर की। सरस्वती वंदना के बाद कवि सम्मेलन में कविता व शायरी की फुहारों से श्रोता देर रात तक भीगते रहे। अंतरराष्ट्रीय शायर अंजुम रहबर की गजलें खूब सराही गईं। उन्होंने सुनाया-मिलना था इत्तेफाक बिछड़ना नसीब था, वो उतनी दूर हो गया जितना करीब था। व्यंग्यकार डॉ. संपत सरल ने व्यंग्य से लोगों को खूब गुदगुदाया। शृंगार रस की कवयित्री डॉ. भुवन माेहनी ने अपनी रचनाओं से वाहवाही लूटी। कवि डॉ. शशिकांत यादव के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. कुंवर जावेद, हास्य कवि डॉ. अनिल चौबे और गीतकार अमन अक्षर की रचनाओं पर देर तक ताली बजती रहीं। कवि सम्मेलन का संयोजन वरिष्ठ रंगकर्मी प्रमोद प्रमिल ने किया। कार्यक्रम में हितेश कुलश्रेष्ठ, जेपी श्रीवास्तव, आनंद पाठक, ताहिर अली राजू, कुंवरपाल सिंह भंडारी का सहयोग रहा। आभार उपाध्यक्ष बीके सिंह ने व्यक्त किया।

शाहजहांपुर में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में उपस्थित श्रोता। स्रोत-संस्था