Shahjahanpur News: मात्र 258 वैन और बस स्कूल के नाम पंजीकृत, सड़क पर दौड़ रहीं सैकड़ों

निगोही रोड पर प्राइवेट वैन से बच्चों को उतारता चालक। संवाद
शाहजहांपुर। स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बच्चों को ले जाने वाली 80 प्रतिशत बसें परिवहन विभाग के रिकार्ड में पंजीकृत नहीं हैं। फिर भी सड़कों पर दौड़ाकर बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाला जा रहा। लंबे समय से चल रहीं स्कूली वैनों पर कार्रवाई के लिए बदायूं में चार बच्चों की मौत के बाद अफसरों को याद आई है। विभाग ने बिना पंजीकृत वाहनों पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिले में सीबीएसई के 43 और 72 निजी कांवेंट स्कूल हैं तो बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त 996 और माध्यमिक विद्यालयों के चार सौ से अधिक विद्यालयों का संचालन किया जाता है। इन विद्यालयों में काफी संख्या में छात्र-छात्राओं का हर दिन स्कूल बस व वैन से आना-जाना होता है, लेकिन बच्चों को लेकर चलने वाले वाहन मानक पूर्ण नहीं कर रहे हैं।
बड़े पैमाने पर संचालित वाहन नाममात्र को पंजीकृत हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो 219 बसें, 39 वैन स्कूलों के नाम दर्ज हैं। इसी तरह 63 बसें और 21 वैन स्कूल के नाम चलाने के लिए वाहन मालिक के नाम पर पंजीकृत हैं।
शेष सारे वाहन निजी तौर पर सड़कों पर दौड़कर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्कूलों से वाहनों का लेना-देना नहीं होने के चलते प्रबंधक व प्रधानाचार्य भी चेक नहीं करते हैं। इसके चलते चालक अपनी मनमानी करते हुए वाहनों को चला रहे हैं।
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हादसा होने के बाद जागते हैं अफसर
स्कूल वाहनों के खिलाफ आम दिन में कोई अभियान नहीं चलाया जाता है। हादसा होने के बाद ही अधिकारी जागते हैं और अभियान चलाकर वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। बदायूं में हुए हादसे के बाद परिवहन विभाग फिर से सक्रिय हुआ और वाहनों पर कार्रवाई शुरू की गई है।
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वैन बंद, स्कूलों में छात्र संख्या पर पड़ा असर
परिवहन निगम द्वारा वैनों का संचालन बंद कराए जाने से स्कूलों की छात्र संख्या पर बड़ा असर पड़ा है। वैन नहीं आने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। काफी संख्या में अभिभावक ही बच्चों को स्कूल को छोड़ने व वापस लेने जा रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हो गई है।
कटरा के स्कूल संचालक व वैन चालक से मांगा जवाब
मीरानपुर कटरा में 26 अक्तूबर को नेशनल हाईवे पर इंग्लिश मीडियम एसएसडीएम पब्लिक स्कूल की वैन को टक्कर मार दी गई थी। हादसे में नौ बच्चे घायल हो गए थे। एआरटीओ प्रवर्तन शांतिभूषण पांडेय ने बताया कि वाहन मालिक व स्कूल संचालक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया। बिना अनुबंध के स्कूल में वैन का संचालन करने पर जवाब मांगा है।
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ये हैं मानक
-वाहन का फिटनेस, परमिट और चालक के पास अनिवार्य रूप से लाइसेंस होना चाहिए।
-प्रत्येक स्कूली बस व वैन में सीसीटीवी कैमरे लगे होना चाहिए।
-वाहन में फायर सेफ्टी के सारे इंतजाम करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
-स्कूली वाहन का चालक वर्दी में हो, साथ ही पहचान पत्र, मोबाइल नंबर व नेम प्लेट भी हो।
-शिक्षा संस्थान की बस का रंग पीला व उस पर विद्यालय का नाम लिखा हो।
-सभी सीटों में सीट बेल्ट, प्रेशर या मल्टीटोन हॉर्न के बजाये अलार्म घंटी लगी हो, जो आपातकाल में प्रयोग हो सके
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सहोदय (सीबीएसई से जुड़े स्कूलों का समूह) से जुड़े स्कूलों से वैन का संचालन नहीं हो रहा। अभिभावकों ने अपने स्तर से वैन लगा रखीं हैं। स्कूल के जरिये अभिभावकों को वैन से बच्चों को भेजने पर आपत्ति की गई है। वैन से आने वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
– रचित अग्रवाल, अध्यक्ष, सहोदय
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स्कूल संचालकों की बैठक का आयोजन कर प्रशासनिक अधिकारियों ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बिना मानक पूर्ण व अनुबंध नहीं कराने वाली वैन व बस नहीं चलने दी जाएंगी। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पहले शहर और फिर गांवों में चेकिंग की जाएगी।
– शांतिभूषण पांडेय, एआरटीओ-प्रवर्तन