शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: दिन-रात के पारे में मात्र छह डिग्री का अंतर, कांपे लोग

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Only six degree difference in mercury between day and night, people tremble

गांधी भवन के बाहर सर्दी से बचने को हाथ सेंकते लोग। संवाद

शाहजहांपुर। दिन और रात के तापमान में गिरावट से शुक्रवार को लोग ठंड से कांपते रहे। न्यूनतम तापमान जहां नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं अधिकतम तापमान 4 डिग्री और लुढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में महज छह डिग्री सेल्सियस का अंतर होने और धूप नहीं निकलने से दिन में भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। मौसम विभाग के मुताबिक अभी पारा और गिरेगा।

पिछले तीन दिनों से छाई कोहरे की चादर बृहस्पतिवार शाम को हल्की हो गई। हाईवे पर तो कोहरा नजर आया लेकिन शहर में कोहरा नहीं था। शुक्रवार सुबह भी कोहरा नौ बजे तक छंट गया था मगर सर्द हवा चलने से लोग ठिठुरते रहे। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। अधिकतम तापमान में चार और न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। बादल और धुंध के कारण पूरे दिन सूरज नहीं निकला। वहीं न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अधिक अंतर न होने से दिन के किसी पहर में लोगों को ठंड से राहत महसूस नहीं हुई। गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि अभी ठंड और गलन का असर बढ़ेगा।

पिछले चार साल का 29 दिसंबर का तापमान

वर्ष-अधिकतम-न्यूनतम

2020-20.8-7.3

2021-18-12.8

2022-17.2-5.2

2023-15-9

नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में।


हृदय और मस्तिष्क रोगियों की संख्या में इजाफा

ठंड बढ़ने के साथ ही हृदय और मस्तिष्क के रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. केसी वर्मा ने बताया कि हृदय के रोगियों को खास ख्याल रखने की जरूरत है। वर्तमान में 40 से 50 मरीज आ रहे हैं जिनमें हार्ट अटैक के दस से 12 मरीज होते हैं। गंभीर हालत होने पर उन्हें रेफर किया जाता है। पहले हार्ट अटैक के रोजाना एक-दो मरीज ही आते थे। राजकीय मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी के विशेषज्ञ नहीं हैं। फिजिशियन डॉ. सलीम ने बताया कि वर्तमान में ब्रेन हैमरेज के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। रोजाना चार-छह मरीज ब्रेन हैमरेज के आ रहे हैं। पैरालिसिस अटैक के भी मरीज पहुंच रहे हैं।


रक्तचाप की दवा खाना न छोड़ें मरीज

-फिजिशियन डॉ. सलीम ने बताया कि जिन लोगों को रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर की समस्या है, वे अपनी दवा को नियमित रूप से लें। ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर बिगड़ने से ब्रेन हैमरेज या पैरालिसिस की दिक्कत तेजी से बढ़ रही है। लोगों को सुबह टहलने जाते वक्त विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम सामान्य होने पर ही पूरे शरीर को गर्म कपड़े से ढककर टहलने निकलें। उन्होंने बुजुर्ग और बच्चों का खासतौर पर ख्याल रखने का सुझाव दिया है।


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