Shahjahanpur News: 75 रुपये मानदेय…दवा पिलाने के साथ बक्सा तक ढो रहे पोलियो वर्कर

पोलियो ड्राप पिलाने पहुंची टीम। स्रोत जागरुक पाठक
शाहजहांपुर। नौनिहालों को पोलियो के वायरस से सुरक्षित रखने के लिए घर-घर दस्तक देने वाले कर्मचारियों का मानदेय काफी कम है। जाड़ा, गर्मी और बरसात में पोलियो की दवा पिलाने का कर्तव्य निभाने वाले कर्मी 28 साल से मात्र 75 रुपये प्रतिदिन ही पा रहे हैं।
वर्ष 1995 से पल्स पोलियो अभियान शुरू किया गया था। उस समय कर्मचारी को एक दिन का 75 रुपये तय किया गया था। महंगाई बढ़ने के बाद भी दवा पिलाने वाली आशा और वालंटियर को 75 रुपये से संतोष करना पड़ रहा है।
साल में दो बार चलने वाले पल्स पोलियो अभियान में मात्र 18 दिन ही कर्मियों को काम मिल पाता है। प्रत्येक अभियान में नौ दिन टीमों को काम मिलता है। एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव बताते हैं कि दवा पिलाने के साथ कर्मियों को बक्सा भी उठाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त शीट पर रिपोर्ट भी देते हैं। सेवाभाव के तहत पोलियो अभियान को सफल बनाया जाता है।
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शुरुआत में उठानी पड़ी परेशानी
पोलियो ड्राॅप को लेकर शुरुआत में काफी मिथक थे। बच्चों को दवा पिलाने से लोग दूरी बनाते थे। शिक्षा के अभाव में दवा पिलाने आने वाली टीम को काफी विरोध का सामना करना पड़ा। फिर भी टीम के सदस्य डटे रहे।
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1844 टीमें लगाईं गईं थी
नवंबर माह में आयोजित पल्स पोलियो अभियान में 1844 टीमों को लगाया गया था। हर टीम में तीन सदस्य थे, जिन्होंने अपने इलाके के घरों में जाकर दवा पिलाई। जिले से 5532 लोग इस कार्य में लगाए गए थे।
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वर्ष 1995 में 75 रुपये मानदेय तय किया गया था। मानदेय को बढ़ाने का कार्य उच्च स्तर पर होगा। इसके लिए पत्राचार किया जाएगा।
– डॉ.पीपी श्रीवास्तव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।