Shahjahanpur News: रामताल का पक्का घाट बना छुट्टा पशुओं की शरणस्थली

पार्किंग स्थल पर लगे गोबर के ढेर। संवाद
जलालाबाद। प्रदेश सरकार ने भगवान परशुराम की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल घोषित कर भले ही उसकी महत्ता को बढ़ा दिया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन की अनदेखी से इस जन्मस्थली की दुर्दशा हो रही है। दो साल पहले ही ढाई करोड़ की लागत से तैयार हुआ रामताल का पक्का घाट छुट्टा पशुओं की शरणस्थली बन गया है। मंदिर पहुंचने का रास्ता कुछ लोगों के अतिक्रमण से संकुचित हो गया है, इससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है।
मोहल्ला खेड़ा में भगवान परशुराम का प्राचीन मंदिर और उसके सामने कई एकड़ क्षेत्र में रामताल है। लाखों लोगों की श्रद्धा से जुड़ा यह धार्मिक स्थल स्थानीय प्रशासन की बेरुखी से बदहाल स्थिति में है, जबकि सवा साल पहले ही प्रदेश सरकार इस स्थल को भगवान परशुराम की जन्मस्थली घोषित कर इसका धार्मिक महत्व बता चुकी है।
मंदिर परिसर के आसपास कई जगह लगे रहने वाले कूड़े और गोबर के ढेर स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े करते हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग पूजा व दर्शन आदि को पहले से ही आते रहे हैं। पर्यटन स्थल घोषित होने के बाद से यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। बावजूद इसके मंदिर परिसर में पशुओं की मौजूदगी, हर तरफ गंदगी और वाहन खड़े करने के स्थल पर लगे गोबर के ढेर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को परेशान कर देते हैं।
पर्यटकों को लुभाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी गई ढाई करोड़ की धनराशि से करीब दो साल पहले रामताल पर बनाए गए पक्के घाट व सीढ़ियों पर भी चारों तरफ गंदगी बिखरी रहती है। घाट के बनाए गए पाथ-वे पर कई घरों के गंदे पानी का निकास होने से वहां उठने वाली दुर्गंध लोगों को परेशान करती है।
पिछले साल घोषित हुई थी पर्यटनस्थली
लाखों लोगों की आस्था और श्रद्धा से जुड़ी भगवान परशुराम की यह नगरी उनकी जन्मस्थली के रूप में विख्यात रही है। नगर के मोहल्ला खेड़ा में भगवान परशुराम के मंदिर पर 24 अप्रैल 22 को पहुंचे पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इसे भगवान परशुराम की जन्मस्थली घोषित करते हुए मंदिर के आसपास के विस्तृत परिसर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इसके बाद पर्यटन विभाग ने विस्तृत सर्वे कर इसके विकास के लिए 87 करोड़ का बजट प्रदेश सरकार को भेजा था। भारी भरकम होने के कारण प्रदेश सरकार ने इसे स्वीकृत करने की अनुशंसा सहित पत्र केंद्र सरकार को भेज दिया जिसके जल्द ही स्वीकृत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
छुट्टा जानवरों का स्थायी समाधान नई गोशाला का निर्माण होने पर ही संभव है। गंदगी की समस्या को जल्द दूर कराया जाएगा और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
– एचएन उपाध्याय, ईओ नगर पालिका

पार्किंग स्थल पर लगे गोबर के ढेर। संवाद