गंगा का रौद्र रूप: बदायूं में खतरे का निशान पार, कई गांव बाढ़ की जद में; तेजी से बढ़ रहा नदी का जलस्तर

बदायूं में उफान पर बह रही गंगा नदी
– फोटो : अमर उजाला
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बदायूं जिले के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बिजनौर से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया है। ऐसे में आने वाले 48 घंटे में यह पानी जिले की सीमा में प्रवेश कर जाएगा, जिससे लोगों की मुसीबत बढ़ सकती है। हरिद्वार से भी 95 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। अभी बाढ़ का पानी आसपास के गांवों के खेतों में भर गया है और पानी ने गांव की ओर से अपना रूख कर दिया है।
गंगा में पिछले कई दिनों से जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने की वजह कटान होना शुरू हो गया है। ऐसे में उसावां, गंगा-महावा और उसहैत बांध पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और इन तीनों तटबंध अति संवेदनशील श्रेणी में रखा है। जबकि जौरी नगला तटबंध को संवेदनशील रखा गया है। रामगंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है।
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हालात ये है कि गंगा का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि वह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी खेतों में भर गया और गांव की ओर अपना रुख करना शुरू कर दिया है। इससे अधिकारियों के साथ-साथ ग्रामीणों की चिंता बढ़गई है। प्रशासन बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों ने अपनी सक्रियता पहले से ज्यादा बढ़ा दी है।