मतलूब दे रहे हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश: शिवभक्तों के कंधों पर सज रहीं उनकी बनाई कांवड़, 43 वर्षों से रहे बना

मतलूब अहमद
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का बड़ा महत्व है। जिले से भी हजारों कांवड़िये हर साल विभिन्न गंगा घाटों से कांवड़ लाकर जलाभिषेक करते हैं। इनमें से तमाम कांवड़ियों के कंधों पर मतलूब अहमद की कांवड़ सजती है। शहर के राजद्वारा निवासी मतलूब पिछले 43 साल से कांवड़ियों के लिए कांवड़ बनाकर हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दे रहे हैं। उनकी बनाई कांवड़ में गंगाजल लाकर तमाम भक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
मूल रूप से बुलंदशहर के काला आम चौराहा निवासी मतलूब अहमद (60) करीब 49 साल पहले अपने पिता अयूब खां के साथ रामपुर आए थे और फिर यहीं बस गए। शहर के मोहल्ला राजद्वारा के छोटा गेट के पास कोठी आला अफसर में उनका घर है। गंगा-जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाते हुए वह हर साल सावन माह में शिवभक्तों के लिए कांवड़ तैयार करते हैं। इस बार अधिकमास की वजह से सावन दो महीने का है, इसलिए उन्होंने कांवड़ तैयार करने का काम पहले से शुरू कर दिया था। मतलूब कहते हैं कि कांवड़ तैयार कर उनको अच्छा लगता है। इससे होने वाली आमदनी से उनके परिवार का पालन-पोषण होता है। वो कहते हैं कि रोजी से बढ़ा कोई धर्म नहीं होता है।