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पी.जी. आई. ऑफ मैनेजमेन्ट , केसीएमटी कैम्पस-2 में किया गया Mobile Addiction पर कार्यशाला का आयोजन।

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पी॰जी॰आई॰ ऑफ़ मैनेजमेंट,केसीएमटी कैंपस-2 फरीदपुर मार्ग बरेली में बरेली कॉलेज, बरेली से आए M.Ed विभाग के प्रशिक्षुओं की टीम-2 ने बी.एड. छात्रों हेतु आज ‘ Mobile Additcion ‘ शीर्षक के अंतर्गत एक कार्यशाला का आयोजन किया । कार्यक्रम का शुभारम्भ ज्ञानदायनी माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व सरस्वती वन्दना के साथ किया गया ।

प्रशिक्षुओं की दूसरी टीम के सदस्यों में गौरव कुमार,राज रतन, सूर्य प्रताप सिंह, ज़ैनब और फ़रिया खुर्शीद शामिल थी ।
मोबाइल फोन आजकल एक लत बनता जा रहा है।किसी भी चीज की लत ऐसे ही नहीं लगतीं उसके पीछे का प्रमुख कारण हैं “किसी भी चीज की अधिकता” औऱ जब हम किस चीज़ का अत्यधिक इस्तेमाल करते है तो हमें उसकी लत लग जाती है और मोबाइल की लत क्यो लग रही है इसका भी प्रमुख कारण मोबाइल का अधिक से अधिक उपयोग ही है ।

इन्होंने बताया कि मोबाइल फोन में हानिकारक रेडिएशन होते हैं जो लगातार निकलते रहते हैं। इसका असर लोगों के दिमाग के लिए नुकसानदायक होता है जैसे सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और भी कई स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां होती है।
इसके अतिरिक्त मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से छात्र अपने शिक्षकों से, बच्चे अपने माता पिता से, दोस्तों से तथा समाज से बहुत दूर होते जा रहे हैं। माता पिता अपने बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं और बच्चे अपने माता पिता को। किताबों की जगह आजकल गूगल ने ले ली है।

युवाओ में मोबाइल फ़ोन का पागलपन देखा जा सकता है। मोबाइल फ़ोन के बिना वह जी नहीं सकते है। दोस्तों के साथ बातें, मैसेज, वीडियो कॉल करना और सोशल मीडिया पर फोटोज और वीडियोस डालना यह उनकी आदत बन चुकी है। मगर ज़रूरत से अधिक मोबाइल से लगाव अच्छा नहीं है। इससे विद्यार्थियों के पढ़ाई पर असर पड़ता है। उनका पढ़ाई से मन ऊब जाता है। जब भी उन्हें मौका मिलता है, तो वह मोबाइल के नोटिफिकेशन चेक करते है।

 

आये दिन मोबाइल फ़ोन के नए मॉडल बाजार में आने की वजह से वह नया मोबाइल लेते है। इससे पैसो का बेफिजूल खर्चा होता है। इससे पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ प्रवीण रस्तोगी ने बताया कि मोबाइल फोन के बहुत से लाभ भी हैं। यदि मोबाइल फोन का इस्तेमाल एक हद में रहकर किया जाए तो यह बहुत अधिक लाभकारी है परन्तु इसकी अधिकता हमें परिवार से दूर करती जा रही है तथा युवा पीढी़ में संस्कारों का हास् होता जा रहा है।


कार्यशाला के पश्चात् एम. एड. प्रशिक्षुओं ने बी. एड. छात्रों हेतु कुछ मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया। छात्रों ने इन प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया तथा भरपूर आनंद उठाया ।


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