बरेली, 27 दिसंबर 2023: खंडेलवाल कॉलेज बरेली में सड़क सुरक्षा सप्ताह (द्वितीय पखवाड़ा) के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शीत ऋतु के घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को कम करना व जनमानस को यातायात के नियमो के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला में ब्लॉक भोजीपुरा के एआरपी श्री गोपाल कृष्ण कपूर ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों व एनसीसी कैडेट्स को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए हमें सभी नियमों का पालन करना चाहिए। बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाना चाहिए, दोपहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट जरूर लगाना चाहिए, कार ड्राइव करते वक्त सीट बेल्ट बांधना चाहिए, मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए, स्टंट और रैश बाइकिंग नहीं करनी चाहिए और वाहन चलाने के दौरान राहगीरों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
कार्यशाला में प्रवक्ता नृपेन्द्र प्रताप ने भी विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि हमें सदैव नियमों का पालन करने के साथ-साथ जरूरतमंदों और रोड एक्सीडेंट में घायल लोगों की मदद के लिए भी सदैव तत्पर रहना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ विनय खंडेलवाल, महानिदेशक डॉ अमरीश कुमार व प्राचार्य डॉ आरके सिंह ने शिरकत की। डॉ विनय खंडेलवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। हमें सभी को मिलकर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस अधिकारी सविता सक्सेना ने किया। कार्यशाला को सफल बनाने में प्रवक्ता मीनू, ले रचना, डॉ मोनिका, फराह, ओमपाल, डॉ अहसान, प्रज्ञा, डॉ तरुणा, अनुराधा, रितेश, मो जावेद, हरीश, त्रिवेंद्र, मुक्ता, घनश्याम आदि का सहयोग रहा।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
- बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाना चाहिए।
- दोपहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट जरूर लगाना चाहिए।
- कार ड्राइव करते वक्त सीट बेल्ट बांधना चाहिए।
- मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
- स्टंट और रैश बाइकिंग नहीं करनी चाहिए।
- वाहन चलाने के दौरान राहगीरों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
कार्यशाला का महत्व
सड़क दुर्घटनाएं आज एक बड़ी समस्या बन चुकी हैं। इन दुर्घटनाओं में लाखों लोगों की मृत्यु होती है और कई लोग घायल हो जाते हैं। शीत ऋतु के घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या और भी अधिक बढ़ जाती है। इसलिए, सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना बहुत जरूरी है। यह कार्यशाला सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


