अनुशासित युवा ही बदलेंगे देश की तस्वीर : डॉ. विनय खंडेलवाल
के0सी0एम0टी0 में आयोजित हुआ ‘Heart to Heart Session’, विद्यार्थियों को दिया विकसित भारत का मंत्र

के0सी0एम0टी0 ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, बरेली के बी0बी0ए0 विभाग द्वारा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को लेकर ‘Heart to Heart Session’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में केसीएमटी ग्रुप के प्रबंध निदेशक डॉ. विनय खंडेलवाल ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें सफलता और जीवन में आगे बढ़ने के महत्वपूर्ण सूत्र बताए।डॉ. विनय खंडेलवाल ने कहा कि अनुशासन केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि स्वयं को सही दिशा में संचालित करने की कला है। आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच और सिविक सेंस को अपनाकर युवा न केवल अपने व्यक्तित्व को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।उन्होंने कहा कि आज का जागरूक, जिम्मेदार और प्रोएक्टिव युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर सकता है। विद्यार्थियों को अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराते हुए उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता, दूसरों के अधिकारों का सम्मान तथा देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया।डॉ. खंडेलवाल ने रामायण में हनुमान जी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अपनी अंतर्निहित क्षमताओं को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने जर्मनी के अनुशासन का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति में नागरिक अनुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जुड़ते हुए अपने ज्ञान, कौशल और सकारात्मक सोच का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें।कार्यक्रम में बी0बी0ए 0विभाग प्रभारी श्री मुकुल गुप्ता, सुश्री अनु सुनोरी, सुश्री दिया ओली एवं डॉ. अजय शर्मा सहित विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।



