5.20 करोड़ हुई अटल पेंशन योजना के सब्सक्राइबर की संख्या, 2022-23 में 1.19 करोड़ एनरोलमेंट
अटल पेंशन योजना: अटल पेंशन योजना के सब्सक्राइबर्स का रिकॉर्ड 5 करोड़ से अधिक है। 31 मार्च को वित्त वर्ष 2022-23 की समाप्ति पर अटल पेंशन योजना में नामांकन वाले की संख्या 5.20 करोड़ हो गई है। वित्त मंत्रालय ने ये जानकारी दी है।
वित्त मंत्रालय के डाटाबेस जारी किए गए हैं जिसके अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 में अटल पेंशन योजना के साथ कुल 1.19 करोड़ नए लोग जुड़े हैं। जबकि 2021-22 में 99 लाख सब्सक्राइबर योजना के साथ जुड़े थे। यानी एक साल में नामांकन करने वालों की संख्या में 20 प्रतिशत का टक मिला है। 31 मार्च 2023 तक योजना के तहत एसेट अंडर 27,200 करोड़ रुपये पर जा सकता है। जबकि योजना के लॉन्च के समय से विश्लेषण में 8.69 प्रतिशत ब्लूप्रिंट रिटर्न दिया जाता है।
आंकड़ों के अनुसार सरकारी स्रोतों से 9 संतों ने प्रत्येक शाखा में 100 अटल पेंशन योजना के लाभ प्राप्त करने के लक्ष्य प्राप्त किए हैं। जबकि बैंक ऑफ इंडिया, शाकाहारी और भारतीय बैंकों ने जगह दी है। मोदी सरकार की पेंशन अटल पेंशन योजना के साथ लिंकर्स की संख्या में देखा जा रहा है।
मोदी सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना को 2015 में लॉन्च किया गया था। योजना का मकसद उम्र में पेंशन हासिल करना है। अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल की उम्र के लोग सब्सक्राइब कर सकते हैं। जमाखोरी के पास बैंक खाते में जाना चाहिए। इस योजना में 60 साल की उम्र के बाद 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक न्यूनत्तम पेंशन का प्रावधान है। पति-पत्नी दोनों को जोड़ दें तो योजना के तहत 10,000 रुपये पेंशन मिल सकती है। अगर योजना के सब्सक्राइबर की मृत्यु हो जाती है तो पति या पत्नी को आधार पेंशन मिलती रहेगी। और यदि दोनों की मृत्यु हो जाती है तो पेंशन का पूरा पैसा नॉमिनी को दे दिया जाएगा।
2035 से अटल पेंशन योजना से जुड़े धारकों को पेंशन शुरू हो जाएगी। अटल पेंशन योजना के सब्सक्राइबर को 60 साल की उम्र पूरी करने पर पेंशन मिलने का प्रावधान है। एक अक्टूबर 2022 से नए सब्सक्राइबर्स से जुड़ाव की सूचनाओं में बड़ा बदलाव किया गया। कोई भी नागरिक जो आयकर का भुगतान करता है या आयकर टैक्स का भुगतान करता है, वो अटल पेंशन योजना को सब्सक्राइब नहीं कर सकता है।
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