विदेशी मुद्रा भंडार में 6 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट, 593.47 अरब डॉलर रहा विदेशी मुद्रा भंडार
भारत विदेशी मुद्रा भंडार: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट आई है। बैंकिंग सेक्टर के रेग्यूलेटर भारतीय रिजर्व बैंक ने जो डेटा जारी किया है, उसके अनुसार 19 मई 2023 को खत्म होने वाले सप्ताह में 6 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है। विदेशी मुद्रा विक्रेता 6.052 अरब डॉलर की गिरावट के साथ घटकर 593.47 अरब डॉलर पर आ गया है।
संकेतक (भारतीय रिज़र्व बैंक) ने विदेशी मुद्रा बाज़ार के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि विदेशी मुद्रा बाज़ार में एक सप्ताह में बड़ी गिरावट के साथ घटकर 593.47 बिलियन डॉलर पर आ गया जो 12 मई 2023 को 599.53 अरब डॉलर का रहा था। सब्सक्राइबर ने जो डाटाबेस जारी किया है, उसके अनुसार एलियन एसेट्स (विदेशी मुद्रा संपत्ति) में 4.6 अरब डॉलर की गिरावट आई है और घटक 524.95 अरब डॉलर पर आ गया है। सोने के भंडार (Gold Reserves) में भी गिरावट आई है। गोल्ड रिजर्व 1.22 बिलियन डॉलर कंपोनेंट 45.12 बिलियन डॉलर पर चुका है। आई जेपीजी में रिजर्व 35 मिलियन डॉलर की कमी आई है और ये 51.30 बिलियन डॉलर रहा है। आपको बता दें कि अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा विक्रेता 645 अरब अमेरिकी डॉलर के उच्चतम स्तर पर जा रहा था।
अक्टूबर 2021 के बाद अक्टूबर 2022 तक लगातार विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखने को मिली थी। इस डॉलर के दौरान नागर रुपये में भारी कमजोरी देखने को मिली जिसके कारण रुपये को सर्वे देने के लिए मतदाताओं को अपने कोष से डॉलर की बिक्री हुई थी। तब विदेशी मुद्रा बाज़ार घटक 525 बिलियन डॉलर के स्तर पर था। हाल ही में प्राधिकरण के गवर्नर ने अपने इस फैसले का बचाव भी किया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई का कर्तव्य है कि एक्सचेंज रेट में स्थिरता सुनिश्चित करें।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण विदेशी निवेश की निकासी हो रही थी। ऐसे में घरेलू और विदेशी अनुमति को गारंटी देने के लिए आरबीआई को परिवर्तन दर में अपवाद रोकने के लिए दखल करना पड़ा। शुक्रवार 19 मई को डॉलर के मामले में 17 पैसे की गिरावट के साथ 82.57 रुपये के स्तर पर बंद हुआ है।
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