Rampur News: आजम पर दर्ज एक और मामले में 23 को आ सकता है फैसला
रामपुर। सपा नेता आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला समेत चार लोगों के खिलाफ दर्ज पड़ोसी पर जानलेवा हमले के मामले में सोमवार को बहस पूरी हो गई। अब इस मामले में कोर्ट 23 दिसंबर को अपना फैसला सुना सकती है। गंज थाना क्षेत्र में जेल रोड निवासी मोहम्मद अहमद ने 2019 में सपा नेता आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, भाई शरीफ अहमद व भतीजे बिलाल खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, रंगदारी मांगने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया था। आरोपियों पर 452, 323, 504, 386, 307, 120बी आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीर्ट कोर्ट में दाखिल की थी। इसमें सभी आरोपी जमानत पर चल रहे हैं।
इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चल रही है। इसमें अभियोजन और बचाव पक्ष की गवाही पूरी हो चुकी है। सोमवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुधीर सरन कपूर ने कोर्ट में बहस की, जो पूरी हो गई। शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने बताया कि बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 दिसंबर की तारीख तय की है। संभावना है कि कोर्ट उसी दिन अपना फैसला सुना सकती है।
अभियोजन की ओर से ये गवाह हुए पेश
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से मुकदमे के वादी मोहम्मद अहमद, मोहम्मद इस्माइल, यासिर अली खां, मेडिकल परीक्षण करने वाले डाॅ. जावेद, एफआईआर लेखक हेड कांस्टेबल चंदकी राम, विवेचक एसएसआई कृष्ण किशोर मिश्रा व अजय कुमार गवाह के रूप में कोर्ट में पेश हुए।
बचाव पक्ष ने दो गवाह पेश किए
पड़ोसी पर हमले के मामले में सपा नेता आजम खां की ओर से अपने बचाव में केवल दो गवाह ही पेश किए। बचाव पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि घटना 28 अगस्त 2019 की है और मेडिकल घटना के चार दिन बाद हुआ है। तर्क दिया कि घटना का कोई निष्पक्ष साक्ष्य नहीं है। आजम और उनके परिवार को राजनीतिक द्वेष के चलते झूठा फंसाया गया है।
चार साल से चल रहा केसपड़ोसी पर हमले का यह मामला चार साल से चल रहा है। 28 अगस्त 2019 को यह मामला गंज थाने में दर्ज हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। 2019 से यह केस लगातार एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में विचाराधीन है। यह केस अब आखिरी मोड़ पर पहुंच गया है।
जेल में बंद हैं आजम और अब्दुल्ला
मारपीट के मामले में आरोपी आजम खां और अब्दुल्ला आजम फिलहाल जेल में बंद हैं। अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में दोनों को सात-सात साल की सजा हुई है। आजम खां सीतापुर और अब्दुल्ला हरदोई जेल में हैं। सजा के खिलाफ उनकी अपील कोर्ट में विचाराधीन है।
दो पैनकार्ड मामले में नहीं हुई सुनवाई
रामपुर। सपा नेता अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। यह मामला सिविल लाइंस थाने में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन एक अधिवक्ता के चलते वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसलिए इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब केस में अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी। संवाद