पीलीभीत

Pilibhit News: कागजों में सिमटकर रह गया छुट्टा गोवंश को पकड़ने का अभियान

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The campaign to catch stray cattle remained limited to papers

मंडी में विचरण करते छुटटा पशु । संवाद

पीलीभीत। शहर से लेकर गांव तक गोआश्रय स्थल बनाए गए हैं, मकसद है कि छुट्टा गोवंश सड़कों पर न घूमें। बावजूद इसके ये छुट्टा पशु गली-मोहल्लों में घूम रहे हैं। इसे देखकर कहा जा सकता है कि छुट्टा गोवंश को पकड़़ने का अभियान कागजों में ही सिमट कर रह गया है।

शहर से लेकर गांवों की गलियों में घूमते आवारा पशुओं का मुद्दा आए दिन भाकियू और अन्य लोगों द्वारा उठाया जाता रहा है। वहीं प्रशासन दावा करता है कि सारे छुट्टा पशु गोआश्रय स्थलों में भेज दिए गए हैं। पिछले माह शासन ने भी बेसहारा पशुओं को पकड़ने के आदेश जारी किए थे। इन आदेशों का भी जिले के जिम्मेदारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

शहर में ही सौ से अधिक पशु जहां तहां झुंड बनाकर घूम रहे हैं। पूरनपुर और बीसलपुर में भी यही हाल है। बरखेड़ा में तो पिछले साल करीब छह लोगों की छुट्टा पशुओं के हमले से मौत हो गई थी। लोग अब इसलिए ज्यादा परेशान हैं कि पहले ये पशु हाईवे या फिर अन्य खाली स्थानों पर देखे जा रहे थे। अब ये गलियों में घूमते दिखाई दे रहे हैं।

सोमवार को भी सांड़ों की चपेट में आया बाइक सवार

दूधिया मंदिर रोड पर रविवार को सांड़ों की लड़ाई में बाइक सवार चपेट में आकर घायल हो गया था। सोमवार को मोहल्ला तखान में भी सुबह दो सांड़ आपस में लड़ गए। लड़ते हुए वह एक घर के सामने पहुंच गए। उनकी चपेट में आकर घर के बाहर धूप में बैठे दो लोग घायल हो गए। इससे वहां पर अफरातफरी का माहौल बन गया।

मंडी में व्यापारियों को नुकसान पहुंचा रहे पशु

छुट्टा पशु वैसे तो पूरे जिले में हैं लेकिन मंडी समिति में पशुओं को देखकर लग रहा कि वहां पर अस्थायी गोआश्रय स्थल बन गया है। पशु यहां पर व्यापारियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही जान के भी दुश्मन बने हुए हैं। अभियान चलने के बाद भी जिम्मेदारों को मंडी में घूमते पशु नहीं दिख सके।

नगर पालिकाओं में कैटल कैचर बने शोपीस

नगरों में घूमने वाले छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए कैटल कैचर सभी नगर पालिकाओं में मौजूद हैं। इसके बाद भी टीम पशुओं को पकड़ने के लिए नहीं जाती है। संसाधन मात्र शोपीस बने हुए हैं। किसी वीआईपी के दौरे के दौरान ही कैटल कैचर की गाड़ी चलती दिखती है।

खास बात

जिले में गोआश्रय स्थल- 56

वृहद गोआश्रय स्थल- 3

जानवर बंद- 3000

निर्माणाधीन गोआश्रय स्थल- 19

छुट्टा घूम रहे पशु – करीब 1500

अभी हाल में ही करीब 50 पशुओं को पकड़वाकर देवीपुर गोआश्रय स्थल भेजा गया है। कान्हा गोआश्रय स्थल के लिए जिलाधिकारी की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। इसके बनने के बाद छुट्टा पशुओं की समस्या खत्म हो जाएगी। – देवेंद्र सिंह, एसडीएम, सदर

मंडी में विचरण करते छुटटा पशु । संवाद

मंडी में विचरण करते छुटटा पशु । संवाद

मंडी में विचरण करते छुटटा पशु । संवाद

मंडी में विचरण करते छुटटा पशु । संवाद


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