Pilibhit News: चालक-परिचालक न होने से खड़ी रह गईं 10 बसें
पीलीभीत। पर्याप्त चालक और परिचालक न हो के कारण यहां से बसों का संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को 10 बसें नहीं चल सकीं। वजह यह थी कि बसों को चलाने के लिए चालक-परिचालक ही नहीं थे। ये सभी बसें लोकल रूटों पर चलनी थीं। इससे स्थानीय डिपो को राजस्व का नुकसान भी हुआ है।
शासन स्तर से नई बसों को डिपो में भेजा गया। डिपो पर 88 बसें थीं, जिनमें से नौ अनुबंध पर थीं। दीपावली पर 14 नई बसों को भेजा गया। इससे अब स्थानीय डिपो पर कुल 102 बसें हो गई है। इनका यहां से संचालन किया जा रहा है। पर्याप्त चालक व परिचालक न हो पाने के कारण मंगलवार को 10 बसों का संचालन ही नहीं हो सका। ये बसें डिपो में ही खड़ी रहीं। इन दस बसों को बीसलपुर, पूरनपुर टनकपुर लोकल रूटों पर चलना था। इससे विभाग को करीब डेढ़ लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। कई कई महीनों से गैरहाजिर संविदा चालक-परिचालकों को नोटिस जारी होने के बाद भी वह ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं।
बीसलपुर व पूरनपुर मार्ग पर आठ-आठ बसें संचालित होती हैं। इनमें से चार-चार का ही संचालन हो सका। चार-चार बसें डिपो पर ही खड़ी रहीं। इससे बीसलपुर व पूरनपुर जाने वाले यात्रियों को खासी दिक्कत रही। लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। टनकपुर मार्ग पर छह बसें चल रही हैं। जिस पर महज चार बसें ही चल सकीं। शेष दो बसें डिपो पर ही खड़ी रहीं। हालांकि टनकपुर और पूरनपुर मार्ग पर अन्य डिपो की बसों का संचालन से लोग परेशान नहीं हुए।
स्टाॅफ की स्थिति यह
चालक- 23
परिचालक- 17
संविदा चालक- 142
संविदा परिचालक -153
नोटिस के बाद भी नहीं पहुंच रहे ड्यूटी पर
लगभग 40 चालक व 50-60 परिचालक दीपावली से पहले से ही गायब चल रहे हैं। विभाग की ओर से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं, लेकिन यह लोग ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। नई बसों के डिपो पर पहुंचने से दिक्कतें और भी अधिक बढ़ गई है।
वर्जन:
स्टाफ की कमी से कुछे बसें खड़ी करनी पड़ती हैं। संविदा चालक और परिचालक गैरहाजिर रहते हैं। जिससे बसों का संचालन काफी प्रभावित होता है। – पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम