Pilibhit News: बाघिन को छोड़ने पर नहीं हो सका निर्णय

पिंजरे में कैद बाधिन । स्रोत – पीटीआर
कलीनगर। अटकोना गांव से पकड़ी गई बाघिन पांचवें दिन भी पिंजरे में कैद रही। शनिवार को भी छोड़े जाने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। पशु चिकित्सक की निगरानी में बाघिन की देखरेख जारी है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के अटकोना गांव में 26 दिसंबर को किसान सुखविंदर सिंह के घर से बाघिन को पकड़ा गया था। 11 घंटे की मशक्कत के बाद बाघिन को तीन डॉट मारने के बाद बेहोश कर पिंजरे में कैद किया गया था। इसके बाद माला गेस्ट हाउस ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर अफसरों को जानकारी दी गई थी।
बाघिन के स्वास्थ्य की हकीकत जानने के लिए खून के नमूने आईवीआरआई भेजे गए थे। शुक्रवार को एनटीसीए के डीआईजी डॉ. वैभव माथुर ने भी बाघिन की स्थिति को परखकर अफसर से जानकारी जुटाई थी। टाइगर रिजर्व के अफसरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में बाघिन पूरी तरह से स्वस्थ है। जल्द ही अधिकारियों के निर्देश पर बाघिन को जंगल में छोड़ दिया जाएगा। हालांकि शनिवार को आला स्तर से इस संबंध में कोई आदेश नहीं आ सका। इस कारण बाघिन पांचवें दिन भी पिंजरे में ही कैद रही। पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार की देखरेख में बाघिन को खाने-पीने को दिया जा रहा है।

