Shahjahanpur News: पेड़ों का अवैध कटान…अब रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर खींचतान

जंगल से कटान के मामले में जेल भेजा गया पूर्व वाचर गिरवरदयाल। स्रोत रेंज कार्यालय
खुटार। खुटार रेंज की सिहुरा वन क्षेत्र से कोरो के 13 पेड़ काटे जाने के मामले में अब थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर खींचतान हो रही है। रेंज कार्यालय पर केस दर्ज करने के बाद वन दरोगा तहरीर लेकर पहुंचे तो पुलिस ने उनसे पूछा कि एक मामले में दो रिपोर्ट कैसे दर्ज हो सकती हैं। वहीं, मामले में एक पूर्व वॉचर को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेजा गया है।
खुटार रेंज के सिहुरा वन चौकी क्षेत्र में अज्ञात लोगों ने छह जनवरी की रात कोरो के 13 पेड़ काटे गए थे। 13 जनवरी को अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था तो मुख्य वन संरक्षक वी. प्रभाकर ने मौका मुआयना किया था। उन्होंने घटना के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया था। मुख्य वन संरक्षक ने इस मामले में फॉरेस्टर को निलंबित करने का आदेश भी दिया है। वहीं, रेंज कार्यालय पर सिहुरा वन चौकी के फॉरेस्टर पुष्पेंद्र कनौजिया की ओर से छह नामजद और आठ अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कराया गया है। केस में सिहुरा वन क्षेत्र में तैनात दो वर्तमान वाचर, एक पूर्व वाचर गांव सिहुरा खुर्द कलां निवासी गिरवरदयाल और तीन अन्य लोगों को नामजद किया गया है। केस दर्ज करने के बाद वन दरोगा संजीव कुमार और पुष्पेंद्र कनौजिया तहरीर लेकर खुटार थाने पहुंचे। पुलिस ने रेंज पर केस काटने के बाद रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया। थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि एक मामले में दो एफआईआर कैसे हो सकती हैं। उधर, रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि पांच वॉचर फरार हैं। पुलिस की बात अलग है। पुलिस मदद करे तो गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। इस कारण तहरीर दिलवाई गई थी। केस काटने के बाद भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर सकती है।
बरेली और लखीमपुर तक जुड़े हैं तार
रेंजर के अनुसार सिहुरा खुर्द कलां निवासी गिरवरदयाल पांच वर्ष पूर्व संविदा पर वाचर थे। वन टीम ने उनको लखीमपुर के कुकरा क्षेत्र की सलीमपुर चौकी से पकड़ा है। इस दौरान वहां की चौकी के कुछ वनकर्मियों ने टीम का भारी विरोध भी किया। रेंजर ने बताया कि गिरवरदयाल के मोबाइल फोन में पांंच जनवरी से पहले की कॉल डिटेल डिलीट की गई हैं। डीएफओ के माध्यम से कॉल डिटेल निकलवाने की मांग की गई है। वहीं जंगल में डीसीएम का एक पार्ट भी मिला है। इससे अधिकारियों का मानना है कि लकड़ी बरेली ले जाई गई है। रेंजर और एसडीओ के अनुसार काटी गई पूरी लकड़ी बरामद हो गई है, जबकि डीएफओ प्रखर गुप्ता का कहना है कि अभी जांच चल रही है। 80 प्रतिशत लकड़ी रिकवर हुई है।
मामले के खुलासे के बाद पांच वाचर फरार
सिहुरा वन क्षेत्र में संविदा पर आठ वाचर की तैनाती है। कटान के बाद से कामता प्रसाद, बहादुर और रघुनंदन ही ड्यूटी पर हैं। रेंजर के अनुसार पांच वाचर कटान का मामला सामने आने के बाद से गायब हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
केस काटने के बाद मामले की जांच अभी चल रही है। जंगल से एक वाहन का पार्ट्स भी मिला है। 80 प्रतिशत लकड़ी रिकवर है। कई जगह छापेमारी हो रही है। जांच में जो भी दोषी होगा, उस पर निश्चित ही कार्रवाई होगी।
प्रखर गुप्ता, डीएफओ, शाहजहांपुर
वन दरोगा तहरीर देने खुटार थाने पहुंचे थे। रेंज कार्यालय पर पहले ही केस काटा जा चुका है। ऐसे में एक मामले में दो एफआईआर नहीं हो सकती है।
पंकज पंत, सीओ पुवायां

