Bareilly News: आरोग्य मेले में न चिकित्सक मिल रहे न दवाएं
आंवला/बहेड़ी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं। यहां न तो मरीजों को पर्याप्त दवाएं ही उपलब्ध हैं और न ही जांच की उचित व्यवस्था। चिकित्सक भी समय पर नहीं आ रहे। जहां चिकित्सक पहुंच भी रहे हैं वह भी समय पूर्व चले जाते हैं। उच्च अफसरों की ओर से भी निरीक्षण के नाम पर खानापूरी की जा रही है। अनदेखी के चलते मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली यह योजना रस्म अदायगी बनकर रह गई है।
इन दिनों खांसी-बुखार का प्रकोप है। रविवार को स्वास्थ्य मेले में पहुंचे ज्यादातर मरीज इन्हीं बीमारियों से पीड़ित दिखे। सिरौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुल 85 मरीज पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर विनोद कुमार ने बताया कि आरोग्य मेले में आने वाले सभी मरीजों का परीक्षण कर उन्हें दवा दी गई। आंवला के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 25 मरीजों का उपचार हुआ। केंद्र प्रभारी डॉ. अंजलि यादव ने बताया कि मेले में मधुमेह, मलेरिया, गर्भावस्था व हेपाटाइटिस की जांचे हुई। यहां आए ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम और चर्मरोग से पीड़ित थे। सीएचसी क्योलड़िया पर आयोजित मेले में 39 मरीज पहुंचे। इसमें खांसी के 20, चर्म रोग के 10, बीपी के तीन और डायरिया के छह मरीज थे। प्राथमिक स्वास्थ केंद्र सेंथल पर तैनात डॉ. फराज अनवर ने बताया कि यहां आने वाले मरीजों में ज्यादातर खांसी-बुखार के थे।
बहेड़ी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुड़िया पर दवाओं की अनुपलब्धता के चलते मरीजों को परेशान होना पड़ा। यहां ज्यादातर दवाएं नहीं मिलीं। दोपहर के समय टीम भेजकर कुछ दवाओं को मंगाया गया। 12:30 तक यहां 49 मरीज पहुंचे। शेरगढ़, टांडामीन नगर पर आयोजित आरोग्य मेले में भी यही हाल नजर आया।
शाही में फार्मासिस्ट, फरीदपुर में स्टाफ नर्स ने देखे मरीज
शाही/फरीदपुर। स्वास्थ्य केंद्र शाही पर आयोजित आरोग्य मेले में फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार करते मिले, यहां बना चिकित्सक कक्ष बंद था। डेढ़ बजे तक यहां कुल 32 मरीज पहुंचे थे। फार्मासिस्ट राजेश कुमार ने बताया कि चिकित्सक डॉ. विनय कुमार भी आए थे। जरूरी काम की वजह से वह 12:30 पर चले गए।
फरीदपुर के नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर भी चिकित्सक नदारद मिले। स्टाफ नर्सों ने ओपीडी कर मरीजों को दवाइयां दी। फार्मासिस्ट पुष्पेंद्र यादव ने बताया प्रभारी डॉ. शिवम यादव छुट्टी पर गए हुए हैं। इसी वजहसे वह अस्पताल नहीं पहुंचे। उन्होंने बताया कि ज्यादातर दवाईंया उपलब्ध हैं। दोपहर 11 बजे तक यहां 68 मरीज पहुंचे थे। संवाद



