Pilibhit News: बीमारी से कमजोर हुआ तेंदुआ, नहीं कर पाया शिकार
पीलीभीत। गजरौला क्षेत्र में खेत में मृत मिले तेंदुए की मौत भूखे रहने की वजह से हुई थी। किसी बीमारी या संक्रमण के कारण तेंदुआ कमजोर हो गया था इसलिए शिकार नहीं कर पाया और भूखे रहने की वजह से उसने दम तोड़ दिया। बरेली के आईवीआरआई में हुए पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि हुई है।
गजरौला क्षेत्र के गांव महुआ के पास बृहस्पतिवार को निगरानी में लगी वन विभाग की टीम को एक खेत में तेंदुए का शव मिला था। शव पर कहीं चोट के निशान नहीं थे। पूंछ कटी होने के कारण सड़ी हुई थी। वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई भेजा। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि तेंदुए का पेट खाली था। वह दो-तीन दिन से भूखा था। तेंदुए के पेट में बाल युक्त पानी मिला है। इसके अलावा शरीर में कहीं कोई चोट नहीं था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तेंदुए की कोई भी हड्डी नहीं टूटी थी। वैज्ञानिक अभिजीत पावड़े ने बताया कि अमूमन तेंदुआ या बाघ शिकार के बाद जीभ से ही बालों को हटा देते हैं लेकिन तेंदुए के पेट में कुछ बाल मिले हैं लेकिन यह मौत का कारण नहीं हैं। तेंदुए को कोई बीमारी या संक्रमण भी हो सकता है, जिससे वह धीरे-धीरे कमजोर होकर इस स्थिति में पहुंच गया कि शिकार करने लायक तक नहीं रह गया और उसकी मौत हो गई।
डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि वन विभाग की टीम दो दिन से तेंदुए की घेराबंदी किए हुए थी। बृहस्पतिवार को तेंदुए को पकड़ने की योजना बनाई थी। जब टीम उसके पास गई तो तेंदुए के शरीर में कोई हलचल नहीं दिखी। पास जाकर देखा तो वह मृत पड़ा था।

