अंधविश्वास: इस सरकारी अस्पताल में अपशकुन का सन्नाटा, नहीं गूंज रहीं ‘किलकारियां’

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रास्ते में है श्मशान
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बरेली के फतेहगंज पश्चिमी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा घटता जा रहा है। राह में श्मशान होने से अपशकुन की आशंका में गर्भवती प्रसव के लिए अस्पताल नहीं पहुंच रही हैं। चिता से उठती लपटें उन्हें विचलित करती हैं। अपशकुन की आशंका के चलते वे निजी अस्पतालों का रुख कर लेते हैं। इस अंधविश्वास ने चलते सीएचसी की किलकारियों को छीन लिया है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संचित शर्मा के मुताबिक सीएचसी पर सामान्य प्रसव के लिए स्टाफ, उपकरण व दवाएं आदि मौजूद है। प्रतिमाह चार सौ से ज्यादा गर्भवती नियमित जांच कराने पहुंचती हैं। इसके बावजूद प्रसव का आंकड़ा सवा सौ पर ही अटक जाता है। जांच के सापेक्ष प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों की ओर से लगातार निर्देश मिलते रहे।
तमाम प्रयासों के बाद भी जब यहां प्रसव का आंकड़ा नहीं बढ़ा तो सीएचसी प्रभारी ने इसकी पड़ताल की। आशा कार्यकर्ता और अन्य स्टाफ ने गर्भवतियों व उनके परिजनों से संपर्क किया तो पता चला कि वे प्रसव पीड़ा की स्थिति में श्मशान भूमि से होकर गुजरना नहीं चाहते। जिन्हें श्मशान भूमि से गुजरने में कोई दिक्कत नहीं, सिर्फ वहीं गर्भवती सीएचसी पहुंचती हैं।



