Pilibhit News: जिला अस्पताल में मरीज ज्यादा, जगह कम

ओपीडी की गैलरी में लगी भीड़।
पीलीभीत। जिला अस्पताल में प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। एक हजार से ज्यादा मरीज रोजाना जिला अस्पताल आ रहे हैं। हालात ये है कि यहां मरीजों को खड़े होने के लिए भी जगह नहीं मिलती। महज एक गैलरी है, उसके दोनों ओर डॉक्टरों के कक्ष हैं। इससे अक्सर मरीजों में धक्कामुक्की होती हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि अर्द्धनिर्मित भवन का निर्माण पूरा होने के बाद ही इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
जिला पुरुष और महिला अस्पताल के भवन को एक अप्रैल से चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है। ऐसे में संयुक्त चिकित्सालय अब बतौर मेडिकल कॉलेज जाना जाता है। मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। डायरिया का प्रकोप थमा नहीं था कि हीट स्ट्रोक (लू) के मरीजों में तेजी से वृद्धि हुई है। प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं।
आलम यह है कि 28 जूनियर डॉक्टरों के बैठने के लिए भी अलग-अलग कमरे नहीं हैं। इसके चलते एक-एक कमरे में तीन-तीन डॉक्टर बैठते हैं। इसके अलावा पर्चा काउंटर अभी एक ही बना है। दवा काउंटर की भी संख्या नहीं बढ़ाई गई। जिससे मरीजों की कतार लगतीं हैं।
मरीजों को भी खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में कई बार उनकी तबीयत और बिगड़ जाती है। इस बारे में प्रभारी प्राचार्य का दावा है कि नया ओपीडी भवन निर्माणाधीन है। निर्माण कार्य पूरा होने पर समस्या दूर होगी।
ओपीडी में मरीजों के आंकड़े
सोमवार-1103
शनिवार- 1054
शुक्रवार- 1009
बृहस्पतिवार- 998
बुधवार – 1087
अक्तूबर तक का है समय
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के संचालन के लिए संयुक्त चिकित्सालय के अलावा परिसर में ही नया भवन बन रहा है। कार्यदायी संस्था को यह भवन वर्तमान सत्र में अक्तूबर के अंत तक चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंपना है। अभी निर्माण कार्य जारी है। इस नए भवन के निर्माण से यह दिक्कत दूर हो जाएगी।
बोले जिम्मेदार
संयुक्त चिकित्सालय अब मेडिकल कॉलेज है। मरीजों की संख्या भी बढ़ी है और चिकित्सक भी लगातार नियुक्त किए जा रहे हैं। वर्तमान में जो भवन है, उससे सभी आवश्यकताएं तो पूरी नहीं की जा सकती हैं। जल्द ही नया भवन मिलेगा तो व्यवस्था सुधरेगी, अभी कोई बदलाव करना उचित नहीं है। – डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य, स्वशासी मेडिकल कॉलेज

ओपीडी की गैलरी में लगी भीड़।