पीलीभीत

Pilibhit News: जंगल से सटे खेत में मिला तेंदुए का शव, अधिकारियों में खलबली

Connect News 24

Dead body of leopard found in a field adjacent to forest, panic among officials

खेत में मृत पड़ा तेंदुआ। संवाद

– वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा आईवीआरआई

– तेंदुए की उम्र एक से डेढ़ साल, शरीर के सभी अंग सुरक्षित होने का दावा

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत/ गजरौला। माला रेंज की गढ़ा बीट प्रथम में कंपार्टमेंट नंबर 135 में गांव बैजूनगर के पास मंगलवार सुबह रामदुलारे के जुते हुए खेत में तेंदुए का शव पड़ा मिला, जिससे अधिकारियों में खलबली मच गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई भेजा गया है। पोस्टमार्टम में मौत की वजह हीट स्ट्रोक आया है।

रामदुलारे का बेटा उमाशंकर वन विभाग में वाॅचर है। उसकी सूचना पर सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृत तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित थे। शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं हैं। उम्र एक से डेढ़ साल लग रही है। शव का राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के एसपीओ द्वारा गठित पैनल से आईवीआरआई में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

पीटीआर में भी वन्यजीवों की निगरानी पर सवाल

पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के जंगल और उसके बाहर निकलने वाले वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर दावे खोखले साबित हो रहे हैं। महज 19 दिन में दूसरे तेंदुए का शव मिलने से यह बात साफ हो गई है। तेंदुओं की मौत क्यों हो रही है इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, इसलिए भी लापरवाही ज्यादा है। यहां बता दें कि इससे पहले 25 मई को शव मिला था।

जंगल या जंगल से बाहर कुछ भी हो महज निगरानी की बात कहकर टाल दिया जाता है। मंगलवार को गजरौला क्षेत्र में जंगल से महज 15 मीटर के दायरे में खाली खेत में तेंदुए का शव मिलने से सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में करीब 65 बाघ और 100 से अधिक तेंदुए हैं। लगातार बढ़ रही संख्या के बाद जंगल और उसके बाहर के इलाके में हिंसक वन्यजीवों की सक्रियता भी बढ़ने लगी है। पीटीआर के बाहर अमरिया, न्यूरिया और गजरौला क्षेत्र में आए दिन बाघ और तेंदुओं की चहलकदमी देखी जा सकती है।

जुते हुए खेत में शव मिलने से खड़े हुए कई सवाल

जंगल के नजदीक जिस खेत में तेंदुए का शव मिला है, उसके पास ही कपड़ा पड़ा मिला है। चर्चा है कि तेंदुए को कहीं और से यहां लाकर डाला गया है। वन्यजीव जानकारों की माने तो बाघ और तेंदुआ अधिकतर झाड़ियों और गन्ने के खेत में विचरण करते हैं। जहां तेंदुए का शव मिला है वह जुता हुआ खेत है। तेंदुआ या बाघ बीमार भी हो तो खाली खेत में नहीं बैठते या लेटते। यह झाड़ियों, पेड़ या खेत के बीच में रहते हैं।

खाली पड़े खेत में इस तरह तेंदुए का शव मिलने की बात लोगों की समझ से परे है। जुते हुए खेत की मिट्टी गरम होती है, जबकि इस भीषण गर्मी में बाघ व तेंदुए पास में हो रही गन्ने की फसल को लेटने या बैठने के लिए चुनते। तमाम ऐसे सवाल है जिसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है। इतना ही नहीं खेत में पगचिह्न तक नहीं मिले हैं। अधिकारियों का तर्क है कि भीड़ के कारण पगचिह्न नहीं मिल सके हैं।

सामाजिक वानिकी और पीटीआर में नहीं तालमेल

जंगल से बाहर बाघ और तेंदुए की चहलकदमी आम बात हो गई है। जंगल के अंदर वन्यजीवों की सुरक्षा पीटीआर के अधीन है जबकि जंगल के बाहर निगरानी का अधिकांश जिम्मा सामाजिक वानिकी विभाग संभालता है। हालांकि जंगल से बाहर लगातार डेरा जमाने की स्थिति में बाघ अथवा तेंदुए की निगरानी में दोनों डिविजन की टीमों को बराबर निगरानी बरतनी चाहिए। मगर अक्सर देखा जाता है कि निगरानी में दोनों डिवीजन की टीमें अपना पल्ला झाड़ लेती हैं, खास तौर पर पीटीआर की टीम।

घटनास्थल के पास टूटी थी तार फेसिंग

माला रेंज में जिस खेत में तेंदुए का शव मिला है। वहां से कुछ ही दूरी पर टाइगर रिजर्व की ओर से तार फेंसिंग भी कराई गई है। जिसके चलते वन्यजीव बाहर न आ सकें। सूचना पर वनाधिकारियों के साथ ही तमाम ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल के पास में ही तार फेंसिंग टूटी मिली। लोगों का कहना है कि जब गश्त होती है तो वन कर्मियों की इस टूटी तार फेंसिंग पर नजर क्यों नहीं पड़ सकी।


वन सीमा से 15 मीटर दूरी पर जुते हुए खेत में तेंदुए का शव मिला है। तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

– संजीव कुमार, प्रभागीय निदेशक, वन एवं वन्य जीव प्रभाग

खेत में मृत पड़ा तेंदुआ। संवाद

खेत में मृत पड़ा तेंदुआ। संवाद


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button