Shahjahanpur News: जलालाबाद का आद्विक अस्पताल डिप्टी सीएमओ ने किया सील

जलालाबाद के आदविक अस्पताल की जांच पड़ताल के बाद उसे सीज करती स्वास्थ विभाग की टीम। संवाद
जलालाबाद। हरदोई जिले के थाना पचदेवरा के गांव केशवपुर निवासी श्यामसुंदर की पत्नी सरोजनी और उसके बच्चे की आद्विक अस्पताल में मौत के मामले में 48 घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया। शनिवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहम्मद आसिफ के नेतृत्व में जलालाबाद पहुंची टीम ने पंजीकरण संबंधी कागजात न मिलने पर अस्पताल सील कर दिया। टीम पहुंचने से पहले ही अस्पताल के डॉक्टर और संचालक मौके से चले गए।
श्यामसुंदर ने अपनी गर्भवती पत्नी सरोजनी को पांच जून को आद्विक अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है ऑपरेशन के दौरान ब्लेड लगने से नवजात की मौत हो गई थी। दस दिन के बाद हालत बिगड़ने पर सरोजनी की अस्पताल गेट पर मौत हो गई थी। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मामले का सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने संज्ञान लिया और डिप्टी सीएमओ को जांच कर आद्विक अस्पताल की रिपोर्ट मांगी। शनिवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहम्मद आसिफ ने अस्पताल में पहुंचकर जांच की। उन्होंने जांच में पाया गया कि अस्पताल में इलाज के अलावा ऑपरेशन भी होते थे, जबकि यहां कई व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप नहीं मिलीं। जांच के दौरान अस्पताल में कोई डॉक्टर भी नहीं मिला। रजिस्ट्रेशन संबंधी कागज उपलब्ध न करा पाने के कारण आद्विक अस्पताल सील कर दिया गया है।
क्षेत्र में बिना पंजीकरण के चल रहे कई अस्पताल
क्षेत्र में बिना पंजीकरण के कई अस्पतालों का संचालन किया जा रहा। वहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं हैं। मरीज के आने पर फर्रुखाबाद, कायमगंज से डॉक्टरों को बुलाकर ऑपरेशन किए जाते हैं। पूर्व में स्वास्थ्य विभाग ने बिना पंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाया था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते बंद करना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग तभी सक्रिय होता है जब कोई हादसा होता है। कुछ दिन पहले कांट में अस्पताल संचालिका के आत्महत्या करने के बाद जांच में अस्पताल अपंजीकृत मिलने पर सील किया गया था।
आद्विक अस्पताल की जांच कराई गई। उसका पंजीकरण संबंधी कोई कागज नहीं मिला है। मानक पूर्ण नहीं होने के कारण अस्पताल को सील कर दिया गया। – डॉ. आरके गौतम, सीएमओ

