Budaun News: आपात स्थिति में घायलों की जान बचाना भी सीखेगी पुलिस

राजकीय मेडिकल कॉलेज में कराए गए डैमो का फाइल फोटो।
बदायूं। जिले में पुलिस अब तक पुलिस का काम अपराधियों की धरपकड़ के साथ ही कानून-व्यवस्था कायम रखने तक ही सीमित था। अब पुलिस गंभीर घायलों की जान बचाने के लिए उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देना भी सीखेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन ने इसके लिए योजना तैयार की है। इसके तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक पुलिसकर्मियों को सात दिन का प्रशिक्षण देंगे।
हादसा या फिर किसी घटना में घायल होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेज देती है। ऐसे में प्राथमिक उपचार के अभाव में अक्सर लोगों की जान चली जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि हादसे के बाद 45 मिनट का गोल्डन पीरियड होता है। इस समय में अगर घायल को उपचार मिल जाए तो उसकी जान बच सकती है। पुलिसकर्मियों को चिकित्सा का कोई अनुभव न होने के कारण वे मौके पर चाहकर भी किसी को प्राथमिक उपचार नहीं दे पाते हैं। अब पुलिस प्रशासन और राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने पुलिसकर्मियों को चिकित्सा का प्रशिक्षण देने की योजना तैयार की है।
यातायात पुलिसकर्मियों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
थाने और चौकियों पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ-साथ यातायात पुलिसकर्मियों को भी प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मी भी प्रशिक्षण लेंगे। मेडिकल कॉलेज में तैनात चिकित्सक अलग-अलग शिफ्ट में प्रशिक्षण देंगे। राजकीय मेडिकल कॉलेज और पुलिस लाइन दोनों ही स्थानों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डमी के साथ डेमो कर बताएंगे जान बचाने के उपाय
राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने बीते दिनों मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और जूनियर डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने के लिए डमी खरीदी हैं। इंसान के शरीर की आकार वाली डमी को कई भागों में मंगवाया गया है। इसमें किस मरीज को किस तरह से प्राथमिक उपचार देकर जान बचाई जा सकती है इसका डेमो किया जाएगा।
वर्जन …
– राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता हो चुकी है। पुलिसकर्मियों को चिकित्सा सेवा का प्रशिक्षण देने के बारे में योजना तैयार की गई है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि मौके पर ही गंभीर लोगों की जान बचाई जा सके।
– आलोक मिश्रा, सीओ सिटी
वर्जन …
-पुलिसकर्मियों को चिकित्सा सेवा के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक अलग-अलग शिफ्ट में डेमो कर पुलिसकर्मियों को सिखाएंगे कि बिना संसाधन के मौके पर किस तरह से गंभीर लोगों की जान बचाई जा सकती है। – डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज



