नई शिक्षा नीति : कुछ स्कूलों ने अपनाई, कुछ को रास नहीं आई
बरेली। नई शिक्षा नीति के तहत इस साल से स्कूलों में स्ट्रीम व्यवस्था के स्थान पर बहु विषयक व्यवस्था लागू की जानी है। यानि अब विद्यार्थी किसी विशेष स्ट्रीम के विकल्पों को चुनने की जगह अपनी पसंद के विषयों को चुन सकेंगे, लेकिन इस व्यवस्था को अभी प्रभावी रूप से अपनाया नहीं गया है। ज्यादातर विद्यार्थियों को अभी इन बदलावों की जानकारी ही नहीं है।
स्कूलों ने भी इसके लिए कोई विशेष कार्यशाला या सेमिनार आयोजित नहीं किए। लिहाजा विद्यार्थी पुराने विकल्प ही चुन रहे हैं। कई स्कूलों ने विभाग की ओर से दबाव नहीं होने की बात कहकर मामले को टाल रखा है। ज्यादातर माध्यमिक विद्यालय बदलाव को लागू करने से बच रहे हैं।
बदलावों के प्रभावी होने में लगेगा वक्त
नई नीति के तहत बदलावों को प्रभावी होने में अभी वक्त लगेगा। विद्यार्थी भी अभी इन बदलावों को समझ नहीं पाए हैं। यदि छात्रों की ओर से पहल की जाती है तो हम प्रोत्साहन देंगे। – मनोज सक्सेना, प्रधानाचार्य, मनोहर भूषण इंटर कॉलेज
छात्राओं को नई नीति के बारे में बताया गया है, लेकिन अब तक एक भी छात्रा ने आवेदन नहीं किया है। यदि छात्राएं आवेदन करती हैं तो इसे प्रभावी किया जाएगा। यही हाल सभी स्कूलों का है। – चमन जहां, प्रधानाचार्य, इस्लामिया इंटर कॉलेज
अभी नई नीति के तहत होने वाले बदलावों को प्रभावी नहीं किया है। अभी विभाग ने इसके लिए कोई खास निर्देश नहीं दिया है। विद्यार्थी भी लंबे समय से चल रही पुरानी व्यवस्था में ही रचे-बसे हैं। – कुसुमलता राजपूत, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज
नए बदलावों को लागू होने में समय तो लगता ही है। पहले एक स्कूल पहल करे, फिर उससे प्रेरणा लेकर बाकी लोग भी अपनाएंगे। विभाग की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। जल्द ही इसे लागू कराया जाएगा। – सोमारू प्रधान, डीआईओएस
बहु विषयक व्यवस्था की नहीं है जानकारी
मैंने 10वीं की परीक्षा पास की है। आगे की पढ़ाई पीसीएम से करूंगी। बहु विषयक व्यवस्था की जानकारी नहीं है। सभी दोस्तों को ही नहीं पता है कि मल्टीपल सब्जेक्ट जैसा कोई बदलाव इस साल से लागू होना है। लिहाजा, किसी ने भी अभी इस तरह के विकल्प नहीं चुने हैं। – पूजा शर्मा
मुझे भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित तीनों ही विषय पसंद हैं। इसलिए पीसीएम को ही विकल्प के रूप में चुना है। हालांकि बहु विषयक व्यवस्था के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। बस इतना पढ़ा है कि कोई भी विषय चुन सकते हैं, लेकिन क्लास में किसी ने ऐसा नहीं किया। – झलक शर्मा
11वीं कक्षा में प्रवेश लिया है। जीव विज्ञान विषय में रुचि है। साथ में भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान लेना ही होता है, इसलिए उनका भी चयन किया है। नई नीति के बदलावों की जानकारी नहीं है। अगर स्कूल वाले कुछ बताते हैं तो उस हिसाब से सोंचेंगे। अभी यही तय किया है। – अक्षत शर्मा
पीसीएम ग्रुप पसंद है और परिवार ने भी इसी से पढ़ाई करने की सलाह दी है। स्कूल से बदलावों के बारे में कुछ खास नहीं बताया गया है। हालांकि एडमिशन से पहले अगर नई नीति के बारे में कुछ अलग पता चलता है तो उस पर परिवार के साथ बात करके विचार कर सकते हैं। – अरुण


