Pilibhit News: डायरिया और लू पीड़ितों पर खास नजर रखने के निर्देश

जिला अस्पताल में डायरिया और लू के मरीजों के लिए तैयार किया गया वार्ड। संवाद
स्वास्थ्य विभाग ने बलिया की घटना के बाद बढ़ाई सतर्कता
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया और लू पीड़ितों पर खास नजर रखने के निर्देश दिए हैं। बलिया की घटना के बाद जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को और चौकस किया गया है। डॉक्टरों से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लापरवाही किसी हालत में क्षम्य नहीं होगी।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें डायरिया और लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी मरीज में डायरिया या लू के गंभीर लक्षण दिखते हैं तो उन्हें फौरन भर्ती किया जाएं। इसी तरह जिले की सभी नौ सीएचसी के अधीक्षकों को सीएमओ ने पत्र भेजा है।
पत्र में सीएमओ ने कहा है कि डायरिया और लू से पीड़ित मरीजों की सूचना प्रतिदिन उनके कार्यालय में भेजी जाए। इसके अलावा मरीजों के लिए पेयजल, आवश्यक दवाओं समेत वार्डों में पंखे, कूलर और बेड साफ-सुथरे रखे जाएं। साथ मरीजों को धूप में निकलना न पड़े, यह भी सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी स्थितियां सामान्य हैं और दवाओं से लोगों को फायदा हो रहा है।
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ये लक्षण दिखें, तो पहुंचें अस्पताल
– जी मिचलाना
– पेट में दर्द, ऐंठन
– सिर दर्द, चक्कर आना
– कमजोरी महसूस होना
– दो से अधिक बार दस्त होना
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जिला अस्पताल में दूसरे आठ बेड के इमरजेंसी वार्ड को भी खोल दिया गया है। चिकित्सकों को भी लापरवाही न करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति पर्याप्त है। लोगों को चाहिए कि वे धूप से बचें व रखे हुए भोजन का सेवन न करें।
– डॉ संजीव सक्सेना, कार्यवाहक प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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सभी सीएचसी अधीक्षकों को पत्र जारी किए गए हैं। बताया गया है कि डायरिया और लू के प्रकोप को लेकर सतर्क रहें और मरीजों के ठहरने, बैठने, पीने के पानी का बेहतर प्रबंध करें। दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई हैं। इसके अलावा कूलर, पंखों को भी दुरुस्त रखने के लिए एक कर्मचारी को अलग से जिम्मेदारी दी गई है।
– डॉ आलोक कुमार, सीएमओ