Pilibhit News: रखें ख्याल… बदलते मौसम में हो सकते हैं त्वचा रोग
पीलीभीत। मौसम में बदलाव से फिलहाल चिलचिलाती धूप और लू से कुछ राहत है। बूंदाबांदी ने गर्मी से झुलस रहे लोगों को कुछ सुकून दिया है, लेकिन डॉक्टर बारिश और इसके बाद निकलने वाली धूप को त्वचा के लिए बेहद घातक बता रहे हैं। इसका असर बुधवार से जिला अस्पताल में दिखना भी शुरू हो गया है। त्वचा संबंधी रोगियों की संख्या में हुई बढ़त चौंकाने वाली है। डॉक्टर बीमारियों से बचने के तरीके सुझा रहे हैं।
डायरिया और लू से लोग पहले से ही डरे हुए हैं। दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी ने त्वचा से संबंधित रोगों का प्रभाव दिखने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इससे पहले त्वचा संबंधी रोग के मामले कुल मरीजों के आंकड़े के मुताबिक दो-चार फीसदी ही रहते थे, लेकिन अब 10 फीसदी मरीज त्वचा रोगों से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से इसकी रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाएं मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि त्वचा रोगों से संबंधित सभी जरूरी दवाएं मौजूद हैं, लेकिन मरीजों को यह सलाह भी माननी होगी कि वे ज्यादा दिनों तक समस्या की अनदेखी न करें, दिक्कत होने पर तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। डॉक्टरों को भी ऐसे मरीजों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है। साथ ही उन्हें सावधानी बरतने की सलाह भी दी जा रही है।
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त्वचा में ये हो सकती हैं दिक्कतें
दाद, खाज, खुजली।
त्वचा पर चकत्ते।
फोड़े-फुंसियां और मुंहासे।
त्वचा का रूखा होना।
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ये तरीके अपनाएं, त्वचा को बचाएं
ज्यादा पसीना न आने दें। कपड़े गीले हों तो तुरंत बदलें।
बारिश में भीगने से बचें।
अचानक धूप में न जाएं।
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समय पर इलाज जरूरी है। जिला अस्पताल में लोशन और एलर्जी को दूर करने की सभी दवाएं मौजूद हैं। कई बार त्वचा रोगों की अनदेखी करने पर सफेद दाग, सुन्नापन की समस्या हो सकती है। ऐसे में समय पर अस्पताल आएं और उपचार कराएं।
– डॉ. एसपी सिंह, त्वचा रोग विशेषज्ञ
दाद
खाज
खुजली
सोरायसिस
सफेद दाग
मुंहासे
फोड़ा

