Bareilly News: चालक-परिचालकों के मोबाइल फोन की जांच के आदेश पर कर्मचारी नेता मुखर
बरेली। चेकिंग के दौरान रोडवेज बसों के चालक-परिचालकों के मोबाइल फोन की भी जांच करने संबंधी आदेश पर कर्मचारी यूनियनों ने रोष जताया है। रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेताओं का कहना है कि निगम हित में चोरी बंद होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए सिर्फ चालक-परिचालक ही जिम्मेदार नहीं हैं।
दरअसल, दो दिन पहले रोडवेज की अपर प्रबंध निदेशक अपर्णा गर्ग ने आदेश जारी किया है कि रोडवेज बसों की चेकिंग के दौरान चालक-परिचालक के मोबाइल फोन की भी जांच की जाएगी। चालक-परिचालक व्हाट्सएप ग्रुप में प्रवर्तन टीमों की लोकेशन और दिशा शेयर कर रहे हैं। ऐसे में सभी रूटों पर चालक-परिचालकों के पास प्रवर्तन टीमों की सूचना पहुंच जाती है। इस आदेश को लेकर कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कई बार जांच में सामने आया है कि खुद प्रवर्तन टीमों के सदस्य ही चेकिंग के रूट के जानकारी चहेते परिचालकों को दे देते हैं। लखनऊ मुख्यालय और क्षेत्रीय मुख्यालय में प्रवर्तन पटल पर वर्षों से डटे कर्मचारी भी प्रवर्तन टीमों का कार्यक्रम लीक कर देते हैं।
टिकट की चोरी केवल चालक-परिचालक ही नहीं करते। कई बार टीम के सदस्य ही प्रवर्तन टीमों का रूट चहेते परिचालकों को बता देते हैं। इस तरह के मामले सामने भी आ चुके हैं। टिकट की चोरी रुकनी चाहिए, लेकिन इसके लिए सभी जिम्मेदारों की निगरानी जरूरी है। – रविंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रीय मंत्री, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद
कई बार ऑफिस के बाबू ही चेकिंग का रूट लीक कर देते हैं। मुख्यालय और रीजन स्तर पर चेकिंग के लिए रूट तय किए जाएं तो वह रूट चेकिंग अथॉरिटी और अधिकारियों की जानकारी में ही रहने चाहिए। टिकट की चोरी के लिए सभी को शक की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। – रामकुमार उपाध्याय, क्षेत्रीय अध्यक्ष, यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन


