Rampur News: उम्रकैदी ने पास की हाईस्कूल की परीक्षा
रामपुर। कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता यारों, एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारों, मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की इन लाइनों को जिला कारागार रामपुर में बंद नईमा ने चरितार्थ कर दिया है। नईमा ने अपनी मेहनत के बल पर बंदियों के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में सूबे में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। नईमा हत्या के मामले में रामपुर कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रही है।
मुरादाबाद निवासी नईमा को 2016 में हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। कोर्ट से नईमा को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। नईमा ने इस साल हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। रामपुर कारागार अधिकारियों ने उसके लिए किताबों और शिक्षक की व्यवस्था की। बरेली सेंट्रल जेल में नईमा ने परीक्षा दी थी। मंगलवार को हाईस्कूल का रिजल्ट आया तो नईमा ने 600 में से 436 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी से हाईस्कूल की परीक्षा पास की। नईमा ने सूबे की जेलों में बंद बंदियों और कैदियों की परीक्षा में ओवरआल दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा रामपुर कारागार के दो अन्य बंदियों ने भी प्रथम श्रेणी से हाईस्कूल की परीक्षा पास की है। नईमा मुरादाबाद मंडल की जेलों में बंद बंदियों और कैदियों में ऐसी
बरेली कारागार में रहकर दी परीक्षा
सेंट्रल जेल बरेेली में बंदियों की हाईस्कूल की परीक्षा कराई गई थी। इसके चलते एक माह के लिए नईमा को बरेली जिला कारागार में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां से वह रोजाना परीक्षा देने के लिए बरेली सेंट्रल जेल जाती थी। (संवाद)
हाईस्कूल में 95 और इंटर में 70.3 प्रतिशत बंदी हुए पास
प्रदेश की जेलों गाजियाबाद, फिरोजाबाद, रामपुर, आगरा, बिजनौर, मुरादाबाद, सेंट्रल जेल नैनी समेत 26 जेलों में बंद 60 महिला-पुरूष बंदी और कैदियों ने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। जिसमें 57 बंदी पास हुए। 47 बंदियों ने हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी और दस ने द्वितीय श्रेणी से पास की। बंदियों की हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा। 82.4 प्रतिशत बंदियों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा पास की। इंटरमीडिएट की बात करें तो कुछ 64 बंदी और कैदियों ने परीक्षा दी, जिसमें 45 पास हुए। छह बंदियों ने प्रथम और 28 ने द्वितीय श्रेणी से परीक्षा पास की। इंटर में पास बंदियों का प्रतिशत 70.3 रहा, जबकि 13.3 बंदियों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा पास की।
नईमा को परीक्षा की तैयारी के लिए शिक्षक और किताबें कारागार प्रशासन ने मुहैया कराई थी। नईम ने हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की है। परीक्षा की तैयारी के लिए उसकी हर संभव सहायता की गई। प्रशांत मौर्य, जेल अधीक्षक