Budaun News: साइबर ठगों के फोन हो जाएंगे डिब्बा, सिम भी होंगे ब्लाॅक
-जिन नंबरों से बार-बार हो रही ठगी, उन्हें और उनसे जुड़े मोबाइल फोन को कराया जा रहा बंंद
-साइबर सेल ने टेली कम्युनिकेशन विभाग को 164 मोबाइल नंबरों की भेजी रिपोर्ट
तुषार चौहान
बदायूं। लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध को रोकने के लिए सरकार के निर्देश पर पुलिस सख्त कदम उठाने जा रही है। जल्द ही ठगी में शामिल ऐसे लोगों के मोबाइल फोन और सिम को ब्लाॅक करा दिया जाएगा। ऐसे में साइबर अपराधियों के मोबाइल फोन न सिर्फ डिब्बा हो जाएंगे, बल्कि वह उन नंबरों से दोबारा फोन भी नहीं कर सकेंगे। फिलहाल जिले के साइबर सेल ने टेली कम्युनिकेशन विभाग को ऐसे ही 164 मोबाइल नंबरों की रिपोर्ट भेजी है।
साइबर सेल प्रभारी सुरेंद्र कुमार सागर ने बताया कि साइबराें ठगों पर शिकंजा कसा जा रहा है। लोगों को साइबर ठगों से सचेत रहने के लिए हर सप्ताह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा। ठगों को आर्थिक रूप से चोट पहुंचाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। जिन मोबाइल फोन नंबरों से एक से अधिक बार लोगों को ठगने के मामले सामने आए हैं, उनको सूचीबद्ध किया जा रहा है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ऐसे मोबाइल नंबरों को एसएसपी के आदेश के बाद टेली कम्युनिकेशन विभाग को भेजा जा रहा है।
वहां से सेवा प्रदाता कंपनी से यह पता लगाया जाएगा कि यह नंबर किस मोबाइल फोन पर चल रहा है। उसकी अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या (आईएमईआई नंबर) क्या है? फिर उस नंबर और संबंधित फोन को हमेशा के लिए ब्लाॅक करवा दिया जाएगा। जून में अब तक कई नंबरों को बंद भी करा दिया गया है। (संवाद)
लगातार बढ़ रहा साइबर अपराध
इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सागर ने बताया है कि साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है। पहले तो एक नंबर से एक-दाे लोगों को ही शिकार बनाया जाया था। अब एक ही नंबर से दस-दस लोगों को ठगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में इन नंबरों को न सिर्फ बंद कराया जा रहा है, बल्कि उनके मोबाइल फोन को भी जरिये डिब्बा बनाया जा रहा है।
24 घंटे में करें शिकायत
सागर ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने के बाद तुरंत पुलिस से संपर्क करें या फिर 1930 नंंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे में आपकी ठगी गई राशि के वापस मिलने की संभावना बनी रहती है।