Bareilly News: साइबर हमले के बाद टिकट और वे-बिल का संकट, खड़ी रहीं आधी बसें
बरेली। परिवहन निगम की वेबसाइट पर साइबर हमले के बाद बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी ऑनलाइन सेवाएं ठप रहीं। ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन) जारी न होने के कारण रीजन (बरेली, रुहेलखंड, पीलीभीत और बदायूं डिपो) की आधी बसें खड़ी रहीं। निगम मुख्यालय ने वेबसाइट शुरू होने तक मैनुअल टिकटों के जरिये बसों को संचालन करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच रीजन में मैनुअल टिकट और वे-बिल का संकट खड़ा हो गया है। प्रबंधन ने मुख्यालय से टिकट और वे-बिल की डिमांड की है।
मैनुअल टिकट जारी करने के साथ वापसी में वे-बिल आदि की जांच में करीब एक घंटे का समय लगता है। ईटीएम से यह काम बमुश्किल पांच मिनट में हो जाता है। ऐसे में बृहस्पतिवार को रीजन की आधी बसें वर्कशॉप से बाहर ही नहीं आ सकीं। पुराना बस स्टैंड की ईटीएम खिड़की खाली रही। टिकट और वे-बिल लेने के लिए बरेली से लखनऊ के लिए कर्मचारियों की टीम रवाना कर दी गई है।
इधर, वे-बिल, मैनुअल टिकट जारी करने के साथ वापसी में जांच के बाद इनको जमा करने को लेकर परिचालक भी माथापच्ची करते नजर आए। वे-बिल और टिकट चेकिंग के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड़्यूटी लगाने के बाद भी प्रबंधन आधी बसों को ही रूट पर ला सका। इस कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
कई परिचालक अवकाश पर गए
मैनुअल टिकट बनाना और वे-बिल में उनका ब्योरा दर्ज करना काफी कठिन होता है। रीजन में बड़ी संख्या में ऐसे परिचालक हैं जो मैनुअल टिकट बनाना नहीं जानते। काफी समय से ईटीएम का इस्तेमाल करने के कारण पुराने परिचालक भी विभिन्न रूटों का किराया, मैनुअल टिकट बनाने व वे-बिल भरने का तरीका भूल गए हैं। ऐसे में वेबसाइट पर साइबर हमले के बाद बृहस्पतिवार को चारों डिपो के कई परिचालकों ने अवकाश ले लिया।
लग सकता है एक सप्ताह, गिरेगी रोडवेज की आय
रोडवेज की ऑनलाइन सेवाएं फिर से शुरू होने में एक सप्ताह लग सकता है। इस बीच बसों के लिए ईटीएम नहीं मिल सकेंगी। अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि मैनुअल टिकट के सहारे सभी बसों का संचालन मुश्किल है। ऐसे में इस दौरान रोडवेज की कमाई पर भी असर होगा। यात्रियों को भी सप्ताहभर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
वर्जन
ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित होने के कारण मैनुअल टिकट पर बसों का संचालन किया जा रहा है। फिलहाल रीजन में पर्याप्त टिकट और वे-बिल हैं। ऑनलाइन सेवाएं कब बहाल होंगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में मुख्यालय से अतिरिक्त टिकट और वे-बिल की मांग की गई है। – दीपक चौधरी, आरएम



