Bareilly News: सेपकटाकरा को टीम स्पर्धा बताकर घटा दी पुरस्कार राशि
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की टीम ने सत्र 2021-2022 में हुई अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय सेपकटाकरा प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। महिला और पुरुष दोनों वर्ग की टीमों ने रुविवि को पांच पदक दिलाए थे। जब पुरस्कार राशि देने की बारी आई तो उनको कम रकम मिली।
खिलाड़ियों का कहना है कि हर खिलाड़ी को 25 हजार रुपये देने की बात हुई थी। कई महीने चक्कर लगाने के बाद उन्हें 5,770 रुपये दिए गए। खिलाड़ियों ने बताया कि मार्च में उन्हें पता चला कि सत्र 2021-22 की पुरस्कार राशि दी तो जा रही है, लेकिन नए नियमों के अनुसार उनके खेल को टीम स्पर्धा में रखा गया है। इसका मतलब यह है कि प्रति मेडल 25 हजार रुपये टीम को दिए जाएंगे। इसके बाद अप्रैल में उन्हें तीन पदक के हिसाब से 75 हजार रुपये दिए गए। इस राशि को 13 खिलाड़ियों में बांटा गया।
तीन साल पहले मिले थे 15 हजार रुपये
खिलाड़ियों ने बताया कि 2021-22 सत्र से पहले जब विवि की टीम ने कांस्य पदक जीता था तो सभी खिलाड़ियों को 15-15 हजार रुपये मिले थे। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि इस सत्र में उनको ज्यादा राशि मिलेगी, लेकिन बिना सूचना के ही खेल को व्यक्तिगत से टीम स्पर्धा की सूची में डाल दिया गया।
नियमानुसार दी गई धनराशिरुहेलखंड विश्वविद्यालय के क्रीड़ा सचिव डॉ. आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि नियमावली में व्यक्तिगत स्पर्धा में जीतने वाले खिलाड़ी के लिए 51 हजार रुपये पुरस्कार राशि का प्रावधान है, लेकिन सेपकटाकरा टीम में खेला जाता है। इसलिए वित्त और क्रीड़ा समिति के नियमानुसार ही राशि दी गई है।
खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत कर कांस्य पदक जीता था। पुरस्कार राशि के लिए काफी चक्कर लगाने पड़े। उम्मीद थी की 15 हजार से ज्यादा मिलेगा, लेकिन बढ़ने की बजाए पैसे कम हो गए। – आशीष
मार्च में प्रार्थना पत्र भी दिया था। उसी समय पता चला कि सेपकटाकरा को टीम स्पर्धा में डाला गया है। अप्रैल में खिलाड़ियों को जो राशि मिली, वह पिछले नियम के अनुसार पांच गुना कम है। – कमल


