Rampur News: नरपतनगर-दूंदावाला पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें, डेंगू एलाइजा की हुई जांच
रामपुर। नगर पंचायत नरपतनगर-दूंदावाला में डेंगू आशंकित मामले निकलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। जिला मलेरिया अधिकारी की टीम सहित स्थानीय चिकित्सकों की टीमें नरपतनगर पहुंच गईं। टीमों ने बुखार पीड़ितों की डेंगू कार्ड टेस्ट से जांच की। इसके अलावा डेंगू एलायजा टेस्ट के नमूने जांच के लिए जिला अस्पताल स्थित लैब भेजे गए हैं। नरपतनगर में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया तथा बुखार की दवाएं भी बांटी गईं।नरपतनगर में डेंगू पीड़ितों की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। सुबह होते ही जिलाधिकारी ने खबर का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी को सख्त निर्देश दिए। जिसके चलते नरपतनगर में जिला मलेरिया अधिकारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के अलावा सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेश चौधरी के नेतृत्व में अलग टीम पहुंच गईं। टीमों ने डेंगू आशंकित पीड़ितों को तलाश किया। उनके घर पहुंचे तो पता चला कि मोहम्मद शफी का बाजपुर के निजी अस्पताल में जबकि जुल्फेकार का इलाज कस्बे के निजी चिकित्सक के यहां चल रहा है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेश चौधरी ने बताया कि डेंगू से कोई भी पीड़ित नहीं था बल्कि उन्हें विडाल पॉजिटिव यानी टाइफायड पाया गया है। हालांकि लोगों का कहना है कि नरपतनगर दूंदावाला में डेंगू का प्रकोप चल रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष खालिद अली ने बताया कि गत वर्ष छह लोगों की डेंगू से मौत हुई थी। इस लिए यहां के लोग सहमे हुए हैं। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी की टीम ने वार्ड नंबर 8 में नाले एवं नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया।
डेंगू एलाइजा के लिए गए 26 नमूने
डेंगू फैलने की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर पंचायत नरपतनगर में प्रभावित वार्ड मेें शिविर लगाया। यहां 26 लोगों ने डेंगू एलाइजा की जांच कराई। चूंकि सीएचसी में इस जांच की सुविधा नहीं है इसलिए जांच के लिए जिला अस्पताल की लैब में नमूने भेजे गए हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेश चौधरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की स्थिति का पता चल सकेगा। शिविर में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केके चहल, सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेश चौधरी, डाॅ. इमरान, फार्मासिस्ट जितेंद्र के अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य की टीम लोग शामिल रहे।
स्वार सीएचसी में गत वर्ष आए थे लगभग 12 डेंगू पीड़ित
सीएचसी अधीक्षक डाॅ. देवेश चौधरी ने बताया कि गत वर्ष 12 लोग डेंगू पीड़ित सीएचसी आए थे जिनका उपचार हुआ और वह स्वस्थ होकर घर पहुंचे। बताया कि सीएचसी में डेंगू वार्ड बनाया गया है। ब्लड जांच स्थानीय स्तर पर तत्काल की जाती है जबकि डेंगू एलाइजा का नमूना लेकर जिला अस्पताल भेजा जाता है। जहां से ऑनलाइन रिपोर्ट मिलने के बाद रोगी का इलाज शुरू कर दिया जाता है।
निजी लैब की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता। एलाइजा की गलत रिपोर्ट देकर रोगियों से पैसा ऐंठा जाता है। जब भी बुखार आए तब सीएचसी पहुंच कर ही जांच कराना चाहिए।
डॉ. केके चहल, प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी, रामपुर
बुखार से बचाव के लिए बांटी गईं दवाएं
नरपतनगर-दूंदावाला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए शिविर में जहां एक ओर डेंगू की जांच के लिए नमूने लिए गए तो दूसरी ओर बुखार पीड़ितों को बुखार की दवाएं भी मुहैया कराई गईं। इस दौरान टीम ने लोगों को आगाह किया कि वह बुखार आने पर घबराएं नहीं बल्कि सीएचसी पहुंच कर जांच कराएं और दवा लें। कहा गया कि बाहर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। अपने आसपास का वातावरण साफ रखें और मच्छरदानी का उपयोग करें।
गत वर्ष 16 लोग हुए थे मौत का शिकार
नगर पंचायत नरपतनगर-दूंदावाला के चेयरमैन खालिद अली ने बताया कि गत वर्ष डेंगू का जबरदस्त प्रकोप था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जब स्वयं यहां आकर जांच की थी तब गांव में दस डेंगू पीड़ित मिले थे जिनका इलाज मुरादाबाद और बाजपुर के अस्पतालों में चल रहा था। बाद में उनमें चार पीड़ितों की मौत भी हो गई थी। उन्होंने बताया कि गत वर्ष नरपतनगर-दुूंदावाला में लगभग 16 लोगों की मौत हुई थी। चेयरमैन ने सीएमओ से नगर में विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया है।


