Bareilly News: लोड बढ़ने पर हांफ रहा जर्जर सिस्टम, एक लाख लोगों की उड़ रही नींद .
बरेली। सुभाषनगर के एक लाख से अधिक लोगों को बिजली देने के लिए 20 किमी लंबी व जर्जर लाइन का ही सहारा है। गर्मी में लोड बढ़ने पर सिस्टम हांफने लगता है। उपभोक्ताओं को सही वोल्टेज नहीं मिल पाता है। इससे रोज एक लाख लोगों की नींद खराब हो रही है।
परसाखेड़ा के 220 केवी सबस्टेशन से सुभाषनगर के 33 केवी सबस्टेशन को आपूर्ति दी जाती है। लंबी लाइन और ओवरलोडिंग के चलते लोगों के घरों में 220 की जगह 150-ृ60 वोल्ट बिजली पहुंच रही है। पटेल विहार के लोग भी इसमें शामिल हैं। 22 जुलाई को सुभाषनगर सबस्टेशन पहुंचकर पटेल विहार के लोगों ने हंगामा भी किया था।
सुभाषनगर के 33 केवी सबस्टेशन में 11 केवी के सात फीडर हैं। उपभोक्ताओं की संख्या 20 हजार है। सबस्टेशन से दूर वाले मोहल्लों में वोल्टेज और घट जाता है। बार-बार आश्वासन के बाद भी अफसर इस कमी हो दूर नहीं करा सके।
बीडीए कॉलोनी में 28 घंटे गुल रही बिजली
सुभाषनगर की बीडीए कॉलोनी के छह घरों की बिजली शनिवार सुबह 6 बजे गुल हुई। 28 घंटे बाद रविवार सुबह 10 बजे आपूर्ति बहाल हुई। लोग शनिवार रात को सो नहीं पाए। रविवार को भी उनकी दिनचर्या प्रभावित हुई। बीडीए कॉलोनी निवासी जीरेश कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह तार टूटने की वजह से मोहल्ले की बिजली चली गई थी। सबमर्सिबल पंप नहीं चलने से पानी के लिए भी तरस गए। कटरा चांद खां में भी ट्रिपिंग होने से सुबह 5-10 बजे तक लोग परेशान हुए।
ग्रेटर कैलाश, साउथ सिटी में रात को सो नहीं पाए लोग
ओवरलोडिंग के चलते ग्रेटर कैलाश कैलाश, साउथ सिटी, करगैना, रामचंद्रपुरम में रात 10-11 बजे तक आपात कटौती गई। इससे लोगों की नींद खराब हुई।
24 घंटे में तीन ट्रांसफार्मर फुंके
विद्युत वितरण खंड द्वितीय के गांव भगौतीपुर व गजनेरा में 63-63 केवीए के ट्रांसफार्मर शनिवार को फुंक गए। इन्हें रविवार शाम को बदलवाया गया। 24 घंटे से अधिक समय तक ग्रामीणों को बिजली संकट झेलना पड़ा। बहेड़ी क्षेत्र में भी एक ट्रांसफार्मर फुंका है।
ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज से प्रभावित क्षेत्र में रीवैम्प और नगरीय क्षेत्र के विस्तारीकरण लिए बनी योजनाओं में काम कराया जाना है। पटेल विहार में काम शुरू हो चुका है। अन्य क्षेत्रों में भी काम होंगे। कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था ठीक हो जाएगी। – विकास सिंघल, अधीक्षण अभियंता
सुभाषनगर में 18-20 घंटे आपूर्ति मिलना भी मुश्किल हो रहा है। कटौती से न रात को नींद पूरी हो रही है, न ही दिन में चैन मिल पा रहा है। – तुषार श्रीवास्तव, तपेश्वरनाथ मंदिर
बार-बार ट्रिपिंग की वजह से जागकर रात बितानी पड़ी। कर्मचारियों के फोन पर कॉल रिसीव नहीं होती? अधिकारी भले ही फॉल्ट बता देते हैं। – गौतम कश्यप, होली चौक



