Bareilly News: भोले की भक्ति में चूर मतवाले… हिम्मत नहीं तोड़ पाए पैरों के छाले
बरेली। जैसे-जैसे सावन का महीना आगे बढ़ता जा रहा है, शिवभक्तों में जोश और भक्तिभाव देखते बन रहा है। भक्ति की मस्ती में चूर शिवभक्त अपने पैरों के छालों की परवाह किए गए बगैर दूर दूर के घाटों से गंगाजल लेकर पहुंचते रहे। शिवालयों में हर हर महादेव के जयकारों के साथ भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
सावन का तीसरा सोमवार पुरुषोत्तम मास होने के कारण काफी खास रहा। शहर के सभी छोटे बड़े मंदिरों पर भोर में तीन बजे से पहले ही कपाट खोल दिए गए थे। इसके बाद भक्तों का मंदिरों में भगवान के दर्शन, पूजन और अभिषेक के लिए आगमन शुरू हो गया था। कांवड़ियों का नाथ मंदिरों पर पहुंचने का सिलसिला गत दिवस रविवार की शाम से ही शुरू हो गया था। सोमवार को कांवड़ियों का मंदिरों पर दिन भर हुजूम बना रहा। भोर से ही मंदिर में बारी-बारी से कांवड़ चढ़ाते रहे।
इस मौके पर खास तौर से शहर के सभी नाथ मंदिरों पर खूब भीड़ रही। इधर सड़कों पर भी शाम तक कांवडिये शहर की रौनक बने रहे। टोलियों में शिव भजनों पर नाचते थिरकते मंदिरों की ओर जलाभिषेक के लिए पहुंचते नजर आए। शिवभक्तों के लिए मंदिर के आस-पास व शहर के कई मार्गों पर लोगों ने भंडारे का आयोजन भी किया था।
नाथ मंदिरों पर मेले जैसा माहौल
बरेली। शहर के तमाम बड़े मंदिरों पर मेले जैसा माहौल देखने को मिला। पूजा सामग्री से लेकर फूल, फल और मिठाइयों की दुकानें लगी रहीं। लोग यहां पर चाट पकौड़ों और जलेबियों के स्टाल पर जायका लेते भी नजर आए। वहीं बच्चों के लिए खेल खिलौने और मिट्टी के बर्तन खरीदते दिखे। यह माहौल बाबा अलखनाथ मंदिर, बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर, बाबा वनखंडीनाथ मंदिर, बाबा धोपेश्वरनाथ मंदिर और पशुपतिनाथ मंदिर के आसपास देखने को मिला। यही स्थिति श्री तपेश्वर नाथ मंदिर और मढ़ीनाथ मंदिर पर भी रही।



