युवाओं के सामने सबसे बड़ा संकट पहचान का है. न उन्हें घर में प्यार मिलता है और न बाहर सम्मान. घर में लापरवाह की पहचान है तो बाहर उन्हें बेरोजगार, आवारा और बेकार जैसे तमगों से नवाजा जाता है.