Shahjahanpur News: कैसे हो इलाज, बाढ़ प्रभावित गांवों में नहीं पहुंच पा रहीं मेडिकल टीमें

पैलानी में लाइन से खड़े आई फ्लू के रोगी
शाहजहांपुर/मिर्जापुर। रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में बुखार और आई-फ्लू का प्रकोप बढ़ गया है। बाढ़ पीड़ितों के सामने खानपान की बड़ी समस्या है। जलमग्न गांवों में जाने वाले रास्तों और सड़कों पर जलभराव होने से अधिकारी और मेडिकल टीम प्रभावित गांवों में नहीं पहुंच पा रहीं हैं, इससे बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है।
एसडीएम महेश कुमार कैथल ने बुधवार को ढाईघाट गंगा पुल पर जाकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। ढाईघाट में अस्थायी रूप से आश्रम बनाकर रह रहे साधु-संतों के आश्रम और कांवड़ मेला स्थल पूरी तरह जलमग्न है। अधिकारी बाढ़ से घिरे गांवों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बाढ़ प्रभावित ग्राम पैलानी, मस्जिद नगला, कटैला नगला, आजाद नगर, पंखिया नगला, भरतपुर, धोबियन नगला, बटन नगला, मोती नगला, इस्लामनगर आदि गांवों में बुखार और आई-फ्लू का प्रकोप चल रहा है। गांवों में एक-एक घर के कई लोग बुखार और आई-फ्लू से पीड़ित हैं। बाढ़ से घिरे गांवों में जाने वाले रास्तों और सड़कों पर जलभराव और कीचड़ से लोगों का निकलना मुश्किल है। इसलिए वह गांव के बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
पैलानी गांव में अब भी कई परिवार घरों में बाढ़ का पानी और कीचड़ होने के कारण रोड पर डेरा डाले हैं। रोड पर रह रहे कई परिवारों को सरकारी राशन भी नहीं मिल पा रहा है। जिन्हें राशन किट मिली भी थी, वह अब खत्म हो चुकी है। पिछले सप्ताह एसडीएम महेश कुमार कैथल और नायब तहसीलदार पूनम मधुकर व पंकज कुमार नाव से प्रभावित गांव पैलानी और मस्जिद नगला पहुंचे थे। अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियों को नजदीक से देखा और बीमार लोगों के इलाज को मेडिकल टीम भेजने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी मेडिकल टीमें गांव नहीं पहुंच सकीं। स्वास्थ्य विभाग ने गांवों से दो से तीन किलोमीटर दूर मेडिकल कैंप लगाए थे। जहां बाढ़ से घिरे गांवों के रोगी नहीं पहुंच सके। रोगियों को समय से इलाज भी नहीं मिल पा रहा है।
रामगंगा का भी जलस्तर बढ़ा, गंगा और खन्नौत का घटा
बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को रामगंगा का जलस्तर 160.050 गेज था, जोकि बुधवार को बढ़कर 160.200 गेज हो गया है। गंगा का जलस्तर में मंगलवार को 143.42 गेज था, जो बुधवार को घटकर 143.40 गेज हो गया है। गर्रा और खन्नौत का जलस्तर घटा है। बुधवार को नरौरा बैराज से 1,62,120 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा में विभिन्न बैराजों से से 83,350 क्यूसेक और गर्रा नदी में 11,704 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बाढ़ प्रभावित गांव मस्जिद नगला, कटैला नगला, पैलानी और आजाद नगर के लिए बुधवार को भी दो मेडिकल टीमें भेजी गईं थीं। रास्ते में अधिक जलभराव होने के कारण टीम प्रभावित गांवों में नहीं पहुंच सकी। – डॉ. आदेश रस्तोगी, सीएचसी प्रभारी, जरीयनपुर

पैलानी में लाइन से खड़े आई फ्लू के रोगी

पैलानी में लाइन से खड़े आई फ्लू के रोगी

पैलानी में लाइन से खड़े आई फ्लू के रोगी

