Shahjahanpur News: घटना से ढाई घंटा पहले ही बुक कर ली गई थी एंबुलेंस
खुटार। गांव कैमहरिया निवासी रिजवान की पत्नी तरन्नुम के गोली से घायल होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जांच में पुलिस को पता चला है कि गोली महिला के रात में आठ बजे लगी, जबकि उसे थाने और वहां से जिला अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस करीब ढाई घंटा पहले शाम 5.30 बजे ही बुक कर ली गई थी।
गांव कैमहरिया की तरन्नुम ने मंगलवार रात पुलिस को बताया था कि वह अपने भाई के साथ बाइक से कहीं गई थी। रात आठ बजे वापस घर जाते समय गांव औरंगाबाद के पास कुछ रिश्तेदारों ने उसे गोली मार दी, जो हाथ में लगी। महिला शाहजहांपुर की एक एंबुलेंस से परिजनों के साथ थाने पहुंची थी। पुलिस ने महिला को सीएचसी भेजा तो डॉक्टर ने महिला के गोली लगने पर ही सवाल उठा दिए थे। हालांकि तरन्नुम को जिला अस्पताल भेज दिया गया था।
बुधवार को पुलिस ने तरन्नुम को लेकर थाने पहुंची प्राइवेट एंबुलेंस के चालक और उसके मालिक से जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि उनकी एंबुलेंस को मंगलवार शाम पांच बजे शाहजहांपुर से बुक किया गया था। एंबुलेंस बुक करने वालों ने बताया था कि एक मरीज को गांव कैमहरिया से थाने और थाने से जिला अस्पताल ले जाना है।
तरन्नुम और उसके परिजन गोली लगने की घटना रात आठ बजे की बता रहे थे, लेकिन एंबुलेंस पांच बजे ही बुक किए जाने से पूरा मामला संदिग्ध हो गया है। समझा जाता है कि सुनियोजित तरीके से फर्जी घटना बनाकर रिश्तेदारों को फंसाने का प्लान बनाया गया था, लेकिन एंबुलेंस चालक और मालिक ने पुलिस को सच्चाई बता दी।
थानाध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया पुलिस की पूछताछ में एंबुलेंस को घटना से तीन घंटे पहले बुक करने का खुलासा हुआ है। तरन्नुम के परिजन गायब हैं। पता लगाया जा रहा है कि एंबुलेंस किसने बुक की थी और पूरी घटना के पीछे क्या प्लान था। चर्चा है कि तरन्नुम के एक भाई का जनपद लखीमपुर के गांव पिपरया कप्तान निवासी ससुराल के लोगों से विवाद है। पिपरिया कप्तान गांव शाहजहांपुर की सीमा से कुछ ही दूर है। रात में महिला के परिजन इन्हीं रिश्तेदारों पर आरोप भी लगा रहे थे।

