जंग-ए-आजादी: बरेली के इस चर्च पर हमलाकर क्रांतिकारियों ने दिखाई ताकत, 40 अंग्रेजों को उतारा था मौत के घाट

फ्री विल बैप्टिस्ट चर्च
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जब 1857 की क्रांति शुरू हुई तो उसकी चिंगारी रुहेलखंड में भी भड़की। क्रांति का गवाह बना कैंट में स्थित फ्री विल बैप्टिस्ट चर्च। इस पर हमला कर क्रांतिकारियों ने 40 अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया था। चर्च में आग लगा दी थी। इस हमले ने ब्रिटिश सरकार को हिलाकर रख दिया था। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अंग्रेजों को मारा गया था।
जानकारों के मुताबिक, ईस्ट इंडिया कंपनी के लोग जब ब्रिटिश सरकार के अंग बन चुके थे, तब उन्होंने ईसाई समुदाय से धन एकत्र कर वर्ष 1838 में इस चर्च का निर्माण कराया। ब्रिटिश बिशप डैनियल विल्सन डीडी कोलकाता से यहां आए और इसके निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीयों पर जुल्म करने के लिए चर्च अंग्रेजों का प्रमुख अड्डा बन चुका था।
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