Bareilly News: हकीकत की जमीन पर नहीं उतरे 418 करोड़ के निवेश
बरेली। जमीन न मिलने, एनओसी में समस्या और बैंकों के ऋण न देने की वजह से जिले में 418 करोड़ रुपये के निवेश हकीकत की जमीन पर नहीं उतर सके। करीब सवा सौ करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव से तो उद्यमियों ने हाथ ही खींच लिया। शेष रकम के निवेश भी तमाम पेचीदगियों की वजह से अटक गए हैं।
बरेली में जनवरी 2023 में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ था। इसमें दुग्ध उत्पाद और डेयरी उद्योग के विकास के लिए कुल 939 करोड़ रुपये के 14 निवेश प्रस्तावों पर करार हुआ। 516 करोड़ रुपये के चार प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं लेकिन 418 करोड़ रुपये के दस प्रस्ताव अटक गए हैं। हकीकत की जमीन पर उद्योग लग जाएं, इसके लिए शासन का दबाव है। शासन स्तर से आए दिन समीक्षा की जा रही है। इसलिए स्थानीय अफसर एक-एक निवेशक से सीधी बातचीत कर रहे हैं। पता चला कि कुछ निवेशकों को जमीन नहीं मिली। कुछ को बैंकर्स ने अटका दिया। चार निवेशक प्रक्रिया को पूरी करके आगे बढ़ रहे हैं। दुग्ध उत्पादों के निर्माण से रोजगार के नए अवसरों का सृजन होना है लेकिन इसमें बाधा पड़ गई।
ये प्रस्ताव हकीकत की जमीन पर नहीं उतरे
फर्म उत्पाद प्रस्तावित निवेश इसलिए अटका प्रस्ताव
पशुपतिनाथ पेपर कन्वर्टर (फ्लेवर्ड मिल्क, आइसक्रीम व मिल्क प्रोडक्ट) 50 करोड़ भूमि नहीं मिली
सक्सेना डेयरी इंटरप्राइजेस (आइसक्रीम प्लांट) 05 करोड़ लंबी प्रक्रिया, पीछे हटे निवेशक
डेयरी इंडस्ट्री (दुग्ध उत्पादों का निर्माण) 10 करोड़ बैंकर्स ने अटकाया
डेयरी प्लांट (दुग्ध उत्पादों का निर्माण) 10 करोड़ प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी
डेयरी इंटरप्राइजेस (खोया, पनीर, मिल्क प्रोडक्ट ) 05 करोड़ निवेशक ने हाथ खींचा
मिल्क प्रोडक्ट कंपनी (दुग्ध उत्पादों का निर्माण) 100 करोड़ निवेशक ने हाथ खींचा
डेयरी इंडस्ट्री (दुग्ध उत्पादों का निर्माण) 10 करोड़ दुग्ध विकास विभाग ने प्रक्रिया शुरू नहीं की
डेयरी सर्विस (दुग्ध उत्पादों की ढुलाई के लिए टैंकर) 01 करोड़ आर्थिक संकट की वजह से निवेशक पीछे हटे
मिल्क प्रोडक्ट कंपनी (दुग्ध उत्पादों का निर्माण) 10 करोड पार्टनरशिप का प्रोजेक्ट था आपसी सहमति नहीं डेयरी क्राफ्ट इंडिया (दुग्ध उत्पादों का निर्माण) 212 करोड़ एनओसी मिलने में दिक्कत
(कुल 418 करोड़ के प्रस्तावों पर काम ही शुरू नहीं हो सका)
निवेशकों के इन चार प्रस्तावों पर बढ़ी प्रक्रिया
अपना मिल्क एंड वेजिटेबिल दुग्ध उत्पादों और सब्जियों का प्रसंस्करण 6 करोड़
रिंकू डेयरी मिल्क प्लांट, मिल्क प्रोडक्ट का निर्माण 490 करोड़
राघव डेयरी मिल्क चिलिंग सेंटर 10 करोड़
प्रीमियम एग्री फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (मिल्क प्रोडक्ट के लिए कोल्ड रूम) 10 करोड़
कुल निवेश 516 करोड़ रुपये
कोट-
दुग्ध विकास विभाग ने मेरा प्रोजेक्ट 10 करोड़ रुपये का तैयार कराया। मेरे बेटे इतना बड़ा प्रोजेक्ट लगाने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए मैं पीछे हट गया। मैंने अधिकारियों का अवगत करा दिया है। -गंगा सिंह लोधी, निवेशक
पराग दुग्ध संघ के अधिकारियों ने 10 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव ऑनलाइन कराया था लेकिन इसके बाद प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। मैंने बैंक से दुग्ध विकास के लिए ऋण मांगा था, वह भी अटक गया। -लखपत यादव, निवेशक
हम दूध का काम करते हैं। दस करोड़ रुपये का निवेश करके प्लांट लगाना चाहते हैं लेकिन विभाग ने प्रक्रिया ही नहीं बताई कि प्रस्ताव कैसे अमल में आएगा। इसलिए हम इंतजार कर रहे हैं। -अनिल कुमार, निवेशक
विभाग का पक्ष
निवेशकों को जहां समस्या आ रही है, वहां उसका समाधान करा रहे हैं। चार प्रस्ताव अमल में आ गए हैं। दस प्रस्तावों के लिए प्रयास चल रहा है।
दयानंद गौतम, सीनियर मिल्क इंस्पेक्टर



