रामपुर

Rampur News: अवैध अस्पतालों में 26 दिनों में आठ लोगों की गई जान ने गंवाई जान

Connect News 24

रामपुर। जिले भर में अपंजीकृत नर्सिंग होम व क्लीनिक संचालकों का बोलबाला है। शहर के हर मार्ग, गली मोहल्लों तक में अपंजीकृत क्लीनिक व नर्सिंग होम संचालित किए जा रहे हैं। अगर किसी क्लीनिक या नर्सिंग होम पर किसी मरीज की मौत हो जाए तो कार्रवाई के नाम पर क्लीनिक या नर्सिंग होम को सील कर दिया जाता है। सील होने के 15 से 20 दिन बाद फिर खुल जाते हैं। मरीजों का इलाज शुरू हो जाता है। अगस्त माह में जिले भर के निजी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा सहित आठ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 181 निजी अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम का पंजीकरण है। जबकि जिले भर में देख जाए तो इससे तीन गुनी संख्या में अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। बीती 24 अगस्त को शहर में शाहबाद गेट पर स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव उपरांत नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। जबकि उसकी मां गंभीर हालत में मुरादाबाद में भर्ती है। मौत होने के बाद परिजनों ने अस्पताल में काफी हंगामा किया था।

पुलिस ने पहुंचकर परिजनों को शांत कराया था। मगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस तरह अगस्त माह में जिले भर में शाहबाद, स्वार, टांडा, शहजादनगर के निजी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा सहित आठ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर नजर डालें तो अब तक 40 अस्पताल, क्लीनिक व नर्सिंग होम को नोटिस दिए हैं। जबकि नौ अस्पतालों को सील किया जा चुका है। वर्तमान में बारिश का मौसम है। घर-घर वायरल बुखार जैसी बीमारियां फैली हुई हैं। ऐसे में जिले भर में संचालित हो रहे इन अस्पतालों में इलाज से मरीज की जान को खतरा बना हुआ है।

नवीनीकरण के लिए 31 अगस्त तक मौका

जिले में कई अस्पताल, क्लीनिक अथवा नर्सिंग होमों का पिछले वर्ष पंजीकरण था। इस साल इन्हाेंने नवीनीकरण नहीं कराया है। फिर भी बेखौफ रूप से संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इनके लिए 31 अगस्त तक नवीनीकरण कराने का मौका दिया है।

अगस्त में की गई कार्रवाई पर एक नजर

-अवैध रूप से संचालित क्लीनिक व नर्सिंग होम को दिए गए नोटिस-40

-सील किए गए क्लीनिक व अस्पतालों की संख्या- 09

-विभाग द्वारा दर्ज कराई गईं एफआईआर- 09

-स्थायी रूप से समाप्त किए क्लीनिक व नर्सिंग होम- 00

-दो अगस्त को स्वार के निजी अस्पताल में प्रसव बाद महिला की मौत।

-सात अगस्त को शाहबाद के नर्सिंग होम में जच्चा बच्चा की मौत।

-सात अगस्त को शहर के निजी अस्पताल में प्रसव बाद महिला की मौत।

-नौ अगस्त को शहर में निजी अस्पताल में महिला की मौत

-10 अगस्त को मिलक के एक अस्पताल में नवजात की मौत

-12 अगस्त को शहर में निजी अस्पताल में नवजात की मौत

-24 अगस्त को शहर एक निजी अस्पताल में नवजात की मौत

अपंजीकृत नर्सिंग होम, क्लीनिकों को संचालित नहीं होने दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। अपंजीकृत अस्पतालों को सील कर उनके संचालक पर रिपोर्ट कराई जा रही है।

-डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ रामपुर


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