Pilibhit News: मरने के बाद भी गन्ना विभाग के अभिलेखों में जिंदा हैं 500 किसान
बीसलपुर। मरने के बाद भी करीब 500 किसान गन्ना विभाग के अभिलेखों में जिंदा हैं। इनके सट्टे दो माह बाद भी निरस्त नहीं हो सके हैं।
सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में कुल 96 हजार गन्ना किसान हैं। ये पीलीभीत के अलावा शाहजहांपुर और बरेली की चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। गन्ना अधिनियम के अनुसार प्रत्येक वर्ष गन्ने की फसल का सर्वेक्षण किया जाता है। सर्वेक्षण के बाद ही संबंधित किसानों को गन्ने की पर्चियां उपलब्ध कराई जाती हैं।
करीब चार माह पूर्व समिति क्षेत्र में गन्ने की फसल का सर्वेक्षण हुआ था। सर्वेक्षण में 500 से अधिक किसानों की मृत्यु होना सामने आया। सर्वेक्षण करने वाले कर्मचारियों ने मृत किसानों की सूची बनाकर संबंधित अधिकारियों को सौंप दी। अधिकारियों ने किसानों के सट्टे लॉक तो कर दिए, लेकिन उन्हें अब तक निरस्त नहीं किया है। समिति के सट्टा संबंधी अभिलेखों में ये किसान अब भी जीवित हैं।
वर्जन
सभी 500 से अधिक मृतक किसानों के गन्ने के सट्टे लॉक कर दिए हैं। उनके आश्रितों को सभी औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र सट्टे अपने नाम कराने के लिए कहा गया है। – आरपी कुशवाहा, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर।



