बरेली

Bareilly News: चौड़ीकरण के इंतजार में मरम्मत दरकिनार

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बरेली। बड़ा बाईपास से पीलीभीत बाईपास बैरियर-2 तक की सड़क फोरलेन और सिक्सलेन होने के चक्कर में फंस गई है। पीलीभीत बाईपास बैरियर-2 के पास सड़क दो वर्ष से खस्ताहाल है, लेकिन मरम्मत इस वजह से नहीं हो रही कि भविष्य में इस सड़क का चौड़ीकरण होना है। इस देरी का खामियाजा जनता भुगत रही है। इस रास्ते पर आना-जाना बेहद मुश्किल भरा हो गया है।

सेटेलाइट बस अड्डे से पीलीभीत बाईपास के बैरियर-2 तक का मार्ग फोरलेन है। बैरियर-2 से हवाई अड्डा होते हुए बड़ा बाईपास तक का मार्ग टूलेन है। न तो इसकी मरम्मत हो रही है, न ही इसे फोरलेन करने के प्रस्ताव पर अमल किया गया। इधर, लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने बड़ा बाईपास से सेटेलाइट बस अड्डे तक इस सड़क को सिक्सलेन करने का प्रस्ताव तैयार कर दिया। इस पर भी अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय तिवारी का कहना है कि ट्रैफिक की जरूरत के हिसाब से सिक्सलेन की जरूरत है। मंडलायुक्त इसकी पैरवी कर रही हैं। प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुरूप काम कराया जाएगा।

जानिए कब क्या हुआ

13 जनवरी 2022 को सड़क की मरम्मत के लिए 27.41 करोड़ रुपये मंजूर हुए, लेकिन बड़ा बाईपास से पीलीभीत बाईपास के बैरियर-2 तक 4.6 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन किए जाने का प्रस्ताव तैयार हुआ। मंजूरी के इंतजार में सड़क की मरम्मत रोक दी गई। दो वर्ष से लोग गड्ढों से होकर गुजर रहे हैं।

मार्च 2023 में बड़ा बाईपास से पीलीभीत बाईपास के बैरियर-2 तक 4.6 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन करने के लिए शासन की व्यय वित्त समिति ने 76 करोड़ रुपये मंजूर किए, लेकिन धनराशि जारी होने से पहले सिक्सलेन का नया प्रस्ताव तैयार हो गया। सिक्सलेन के लिए 301 करोड़ रुपये चाहिए। मंजूरी न मिलने से प्रस्ताव अटक गया। 19 मई 2023 को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान को पत्र भेजा।

इसलिए जरूरी है सिक्सलेन

नाथनगरी परियोजना में बरेली के मंदिरों को आपस में जोड़ने के लिए 121 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर हो चुकी है। शहर में पर्यटन के साथ आने जाने वालों को रफ्तार देने के लिए सेटेलाइट बस अड्डे से बड़ा बाईपास तक 11.32 किलोमीटर मार्ग को सिक्सलेन करने से शहर में आर्थिक समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे। निवेशक आकर्षित होंगे। जिन लोगों ने निवेश किया है वे भी अपने कारोबार को रफ्तार दे सकेंगे। सिक्सलेन होने पर हवाई अड्डा, रुहेलखंड यूनिवर्सिटी, एअरफोर्स स्टेशन, फन सिटी, तमाम छोड़े बड़े होटलों और रेस्तरां के साथ आशीष रॉयल पार्क, रामगंगा आवासीय योजना. आवास विकास परिषद समेत तमाम काॅलोनियों तक आवागमन आसान और आरामदेह हो जाएगा। लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी।

मौजूदा हालात: धूल के गुबार और बिखरी गिट्टी के बीच सफर

सीवर लाइन का काम होने की वजह से पीलीभीत बाईपास से फीनिक्स मॉल तक सड़क की एक लेन खोद दी गई है। आगे सड़क टू लेन है। इसमें गड्ढे हैं। कुल मिलाकर पीलीभीत बाईपास से बड़ा बाईपास तक का सफर मुश्किलों भरा है। एक साइड दोहरा ट्रैफिक होने से जाम की नौबत बनती है। धूल उड़ती है और प्रदूषण फैलता है। लोगों के बीमार होने का खतरा है। हर रोड पर पानी छिड़कने का काम नहीं हो रहा है। न ही सड़क बनाने के काम मे तेजी आई है। इस मार्ग पर 24 घंटे में छोटे-बड़े दस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। शहर के साथ-साथ बरेली से पीलीभीत होते हुए उत्तराखंड की ओर जाने वाले लोग भी प्रभावित होते हैं। सैकड़ों व्यापारिक प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिनकी बिक्री पर असर है।


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