Bareilly News: सिपाही की हत्या के मामले में चार बदमाश दोषी करार
बरेली। 16 साल पहले फतेहगंज पश्चिमी में लूट के इरादे से आए बदमाशों से मोर्चा लेते हुए कांस्टेबल परमेंद्र सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता की अदालत ने चार बदमाशों को उनकी हत्या का दोषी करार दिया है। दोषियों की सजा पर सुनवाई बुधवार को होगी।
घटना 19 जनवरी 2007 की है। फतेहगंज पश्चिमी थाने में कांस्टेबल निर्दोष कुमार ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि वह लोग उस दिन थाने पर ड्यूटी समाप्त कर चौकी पर आए थे। रात 12:45 बजे कांस्टेबल परमेंद्र सिंह ने उनके पास कॉल कर बताया कि नखासा बाग में बदमाश घुस आए हैं। सूचना पर वह लाठी लेकर बाग में गए। वहां से फायरिंग की आवाज आ रही थी। बाग में निर्दोष कुमार और परमेंद्र सिंह ने चिल्लाकर लोगों से कहा कि हम आ गए हैं। टार्च की रोशनी में बदमाशों को ललकारा तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
परमेंद्र सिंह व होमगार्ड राजेश घिर गए। पांच-छह की संख्या में बदमाशों ने कई फायर किए। तीन गोलियां लगने से परमेंद्र सिंह घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। वह शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव के निवासी थे। पुलिस ने कुछ दिन बाद बदमाशाें को गिरफ्तार कर लिया। बदमाश इब्राहीम की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल तमंचा रबर फैक्टरी के मंदिर से बरामद हुआ।
इस मामले में गांव केशोपुर का इब्राहीम, रसूलापुर चौधरी का गुडडू, इस्लाम नगर गौटिया का अकील, रसूलापुर चौधरी के अकीना व इन्ना को गिरफ्तार किया गया। इन्ना की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। कोर्ट ने बाकी चारों लोगों को हत्या का दोषी करार दिया है।


