Budaun News: जलस्तर कम होने पर घरों की ओर किया रुख, कुछ का अभी भी तटबंध पर बसेरा

तौफी नगला में गंगा महावा तटबंध पर पन्नी डालकर रह रहे ग्रामीण। संवाद
बदायूं। गंगा का जलस्तर कम होने पर ग्रामीणों ने गांव का रुख कर लिया है। इससे अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली, लेकिन जिन लोगों के घर बाढ़ में समा गए हैं, वे लोग अभी भी तटबंध पर अपना बसेरा डाले हुए हैं। वे प्रशासन से भी राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जिले में होकर निकल रही गंगा का अब प्रकोप कम होने लगा है। जिले में करीब पौने दो माह तक गंगा खतरे के निशान से ऊपर तक बहती रही। ऐसे में लोग अपने-अपने घरों ओर गांवों को छोड़कर दूसरी जाकर अस्थायी तौर पर रहने लगे। उसहैत के अहमद नगर बछौरा में में जहीरुल, बच्चू, छुट्टन, रामदास, सत्यवीर, लियाकत, ओमकार, लाखन, भकरुद्दीन, सुरेंद्र सिंह, बुधपाल, राम बख्श, ध्यानपाल, अफशान, कल्लू, अंसार, शमशुल समेत तमाम लोगों के घर भी गंगा में समा गए। ऐसे में अहमद नगर बछौरा के तमाम लोग गांव के पास ऊंची सड़क या फिर तटबंध पर रह रहे हैं। यही हाल सहसवान के तौफी नगला गांव है। गांव के पातीराम, संजीव, राकेश, सूरजपाल, करन सिंह, सोहन लाल ने बताया कि उन समेत कई अन्य लोगों के घर भी बाढ़ में समा गए। ऐसे में यह लोग अभी तटबंध पर रह रहे हैं। उनका कहना है कि गांव के पास से गंगा का जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन उनकी जमीन नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में यह ग्रामीण अभी गंगा-महावा तटबंध पर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन जल्द से जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी कर सरकारी मदद दिलाएं। जिससे वह अपना घर दोबारा से बना सके।

तौफी नगला में गंगा महावा तटबंध पर पन्नी डालकर रह रहे ग्रामीण। संवाद